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सिंहगढ़ किला, महाराष्ट्र

सिंहगढ़ किला, महाराष्ट्र

Post By : Dastak Admin on 14-Aug-2018 08:48:38

singhgarh fort maharashtra

 

सिंहगढ़ किला महाराष्ट्र के प्रसिद्ध किलो में से एक हैं जोकि पुणे शहर से लगभग 30 किमी दक्षिण पश्चिम स्थित है। इस किले की उपलब्ध कुछ जानकारी से पता चलता है कि यह किला 2000 साल पहले बनाया गया। कहा जाता हैं इसी किले की पराजय के बाद शुरू हुआ था मराठा साम्राज्य का पतन।

यह प्रसिद्ध क़िला महाराष्ट्र के प्रख्यात किलो में से एक था। यह पूना से लगभग 17 मील दूर नैऋत्य (Southwest) कोण में स्थित है और समुद्रतट से प्रायः 4300 फ़ुट ऊँची पहाड़ी पर बसा हुआ है। इसका पहला नाम कोंडाणा था जो सम्भवतः इसी नाम के निकटवर्ती ग्राम के कारण हुआ था। दन्तकथाओं के अनुसार यहाँ पर प्राचीन काल में ‘कौंडिन्य’ अथवा ‘श्रृंगी ऋषि’ का आश्रम था।

सिंहगढ़ किला का इतिहास और शिवाजी का अधिकार
इतिहासकारों का विचार है कि महाराष्ट्र के यादवों या शिलाहार नरेशों में से किसी ने कोंडाणा के क़िले को बनवाया होगा। मुहम्मद तुग़लक़ के समय में यह ‘नागनायक’ नामक राजा के अधिकार में था। इसने तुग़लक़ का आठ मास तक सामना किया था। इसके पश्चात् अहमदनगर के संस्थापक मलिक अहमद का यहाँ पर क़ब्ज़ा रहा और तत्पश्चात् बीजापुर के सुल्तान का भी।

छत्रपति शिवाजी ने इस क़िले को बीजापुर से छीन लिया था। शायस्ता ख़ाँ को परास्त करने की योजनाएँ शिवाजी ने इस क़िले में रहते हुए ही बनाई थीं और 1664 ई. में सूरत की लूट की पश्चात् वे यहीं पर आकर रहने लगे थे। अपने पिता शाहूजी की मृत्यु के पश्चात् उनका अन्तिम संस्कार भी यहीं पर किया गया था।

  • तिलक बंगला : सिंहगढ़ पर स्वाधीनता आंदोलन के सेनानी बाल गंगाधर तिलक का एक बंगला भी मौजूद है। लोकमान्य तिलक यहां कभी-कभी आकर रहते थे। 1915 में महात्मा गांधी और लोकमान्य के तिलक के बीच इसी बंगले में मुलाकात हुई थी।
  • कल्याण दरवाजा : किले की पश्चिम दिशा में स्थित यह दरवाजा है। कोंढणपुर गांव जाने के लिए इस दरवाजा से होकर गुजरना पड़ता है।
  • देवटाके ( पानी की टंकियां) : तानाजी स्मारक के पास पानी की दो टंकियां बनी हुई है। इन टंकियों के पानी का इस्तेमाल पीने के लिए होता था। महात्मा गांधी जब भी पुणे आते वह इन टंकियों का पानी जरुर मंगवाते थे।
  • उदयभान राठोड़ का स्मारक : कल्याण दरवाजे की पीछे वाली पहाड़ी पर मुगलों के किलाधिकारी उदयभान राठोड़ की स्मारक मौजूद है।
  • राजाराम स्मारक : छत्रपति राजाराम महाराज की समाधि भी यहीं मौजूद है। राजाराम महाराज का 30वर्ष की उम्र में 2 मार्च 1700 को निधन हो गया था।
  • सिंहगढ़ किला पुणे के कई निवासियों के लिए एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। किला तानाजी के लिए एक स्मारक के साथ-साथ राजाराम छत्रपति की कब्र के रूप में भी स्थित है। पर्यटक सैन्य अस्तबल, एक शराब की भठ्ठी और देवी काली (देवी) का मंदिर, मंदिर के दाहिनी ओर हनुमान प्रतिमा के साथ-साथ ऐतिहासिक गेट देख सकते हैं।

कैसे जाएँ


सिंहगढ़ आज देश और विदेश के सैलानियों की पसंद बना हुआ है। महाराष्ट्र जाने के लिए देश के अन्य हिस्सों से ट्रैन, जहाज, बसें उपलब्ध हैं। पुणे के स्वारगेट से सिंहगढ़ जाने के लिए बस की सुविधा है। आप कार से भी किले तक जा सकते हैं।

सिंहगढ़ किला: पता, एंट्री फी, टाइमिंग
पता : सिंहगड घाट रोड, थोपतीवाडी, पुणे, महाराष्ट्र

प्रवेश शुल्क

दो पहिये वहानों के लिए 20 रुपये

चार पहिया वाहनों के लिए 50 रुपये

समय : सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 तक खुला रहता है

 

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