खास खबरें दक्षिण ग्रामीण कार्यालय के शुभारंभ पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने ग्रहण की कांग्रेस की सदस्यता विदेशी फंडिंग से घाटी में तैयार हो रहे है आतंकी - सेना प्रमुख दुनिया का सबसे बड़ा कम्‍प्‍यूटर करेगा इंसानी दिमाग जैसा काम, 1 सेकण्‍ड में 20 हजार करोड़ से ज्‍यादा कमाण्‍ड कर सकता है फॉलो बॉक्सिंग के खिलाडि़यों को दिल्‍ली की हवा में हो रही सांस लेने में दिक्‍कत तेलंगाना में कांग्रेस की पहली सूची जारी, 65 प्रत्‍याशियों के नाम शामिल सुपरहीरो हल्‍क, स्‍पाइडरमैन का किरदार बनाने वाले स्‍टेली का निधन निफ्टी 10460 के पास, सेंसेक्स 95 अंक कमजोर आचार संहिता के 35 दिनों में अब-तक लगभग 50 करोड़ की सामग्री और नगदी जब्त : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का आज बेंगलुरू में राजकीय सम्‍मान के साथ अंतिम संस्‍कार छठ पूजा : संतान प्राप्ति और उनकी मंगल कामना के लिए करते है सूर्य की उपासना

बटेश्वरा के शिव मंदिर

बटेश्वरा के शिव मंदिर

Post By : Dastak Admin on 28-Aug-2018 14:51:58

bateshwara ke shiv mandir murena


बटेश्वरा के शिव मंदिर पर्यटकों के लिए न केवल आकर्षण का केंद्र हैं बल्कि उनके लिए रहस्य का भी विषय हैं। बटेश्वरा में 200 से अधिक मंदिर थे लेकिन विदेशी आक्रांताओं व पत्थर के अवैध उत्खनन की वजह से शिव मंदिर के समूहों में से अधिकतर क्षतिग्रस्त हो गए और ढह गए। हालांकि 2005 से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने इन मंदिरों को संरक्षित घोषित कर दोबारा से खड़ा करना शुरू किया।वर्तमान में 60 से अधिक शिव मंदिरों को पुराने स्वरूप में खड़ा कर दिया गया है। यहां शिव मंदिर के अलावा विष्णु मंदिर भी है।

इसलिए रहस्यमय हैं शिव मंदिर समूह : पर्यटकों की जिज्ञासा रहती है कि आखिर एक ही जगह पर इतने मंदिर क्यों बनवाए गए। चूंकि सभी मंदिरों में शिवलिंग तकरीबन एक जैसे ही हैं। साथ ही सभी की डिजाइन भी एक जैसी है। इस जगह को लेकर यह प्रचलित है कि ये मंदिर तंत्र साधना के लिए बनवाए गए थे। हालांकि इस संबंध में प्रमाणित कुछ नहीं है।

आठवीं शताब्दी की कारीगरी का है उत्कृष्ट नमूना
इन मंदिरों को आठवीं शताब्दी की कारीगरी का उत्कृष्ट नमूना भी कहते हैं। एक-एक दीवार पत्थरों को बारीकी से तराश कर बनाई गई। बेशकीमती धरोहर से भले ही पर्यटक अनजान हैं पर इसकी वास्तुकला उत्कृष्ट है।

इसलिए क्षतिग्रस्त हुए मंदिर : पहले बटेश्वरा के मंदिरों को मुगल आक्रांताओं ने क्षतिग्रस्त किया। इसके बाद जो मंदिर बचे हुए थे वे आसपास होने वाले अवैध उत्खनन की वजह से ढह गए। 2005 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने पुरातत्व अधिकारी केके मोहम्मद के नेतृत्व में मंदिरों को खड़ा करने का अभियान शुरू किया।

इतिहास
मुरैना से लगभग 25 किमी दूर बटेश्वरा मंदिर स्थित हैं। यहां पर आठवीं से दसवीं शताब्दी के बीच गुर्जर-प्रतिहार वंश के राजाओं ने करीब एक ही जगह पर 200 मंदिरों का निर्माण कराया था। माना जाता है कि भगवान शिव और विष्णु को समर्पित ये मंदिर खजुराहो से भी तीन सौ वर्ष पूर्व बने थे। इन मंदिरों का निर्माण गुर्जर प्रतिहार राजवंश के सम्राट मिहिर भोज के शासनकाल से शुरू हुआ और कई सालों बाद सम्राट विजयपाल प्रतिहार के शासनकाल के समय इन मंदिरों का निर्माण कार्य पूरा हुआ।

Tags: bateshwara ke shiv mandir murena

Post your comment
Name
Email
Comment
 

भारत के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल

विविध