खास खबरें वाट्सएप पर पोस्ट करने पर पटवारी की शिकायत, कलेक्टर ने उज्जैन किया अटैच पीएम मोदी ने की ट्विटर के सीईओ से मुलाकात, ट्विटर की तारीफ में बोले ये... अफरीदी ने इमरान को दी सलाह, कश्‍मीर को छोड़ पहले अपने 4 राज्‍य संभालें मिताली ने टी-20 में बनाया रिकॉर्ड, रोहित-विराट को भी पीछे छोड़ा राहुल गांधी की मौजूदगी में टिकट बंटवारे को लेकर पायलट और डूडी में कहासुनी लेक कोमो में सात जन्‍मों के बंधन में बंधे रणवीर-दीपिका, करण जौहर ने दी बधाई आज से दिल्‍ली में शुरू होगा ट्रेड फेयर, 18 से मिलेगी आम लोगों को एंट्री पीएम मोदी-राहुल गांधी 16 नवम्‍बर को मध्‍यप्रदेश के एक ही जिले करेगें रैलियां बहू और उसके परिजनों की प्रताड़ना से तंग आ ससुर खुद को गोली मार की आत्‍महत्‍या छठ पूजा : संतान प्राप्ति और उनकी मंगल कामना के लिए करते है सूर्य की उपासना

जागियै गोपाल लाल, प्रगट भई अंसु-माल

जागियै गोपाल लाल, प्रगट भई अंसु-माल

Post By : Dastak Admin on 02-Sep-2018 18:27:35

सूरदास

 

कृष्‍ण, अर्जुन और ब्राहम्‍णजागियै गोपाल लाल, प्रगट भई अंसु-माल, मिट्यौ अंधकाल उठौ जननी-सुखदाई ।
मुकुलित भए कमल-जाल, कुमुद-बृंदबन बिहाल,मेटहु जंजाल, त्रिबिध ताप तन नसाई ॥ 
ठाढ़े सब सखा द्वार, कहत नंद के कुमार , टेरत हैं बार-बार, आइयै कन्हाई
गैयनि भइ बड़ी बार, भरि-भरि पय थननि भार , बछरा-गन करैं पुकार, तुम बिनु जदुराई ॥
तातैं यह अटक परी, दुहन-काल सौंह करी,आवहु उठि क्यौं न हरी, बोलत बल भाई ।
मुख तैं पट झटकि डारि, चंद -बदन दियौ उघारि, जसुमति बलिहारि वारि, लोचन-सुखदाई ॥
धेनु दुहन चले धाइ, रोहिनी लई बुलाइ, दोहनि मोहि दै मँगाइ, तबहीं लै आई बछरा दियौ थन लगाइ, 
दुहत बैठि कै कन्हाइ, हँसत नंदराइ, तहाँ मातु दोउ आई ॥
दोहनि कहुँ दूध-धार, सिखवत नँद बार-बार,यह छबि नहिं वार-पार, नंद घर बधाई ।
हलधर तब कह्यौ सुनाइ, धेनु बन चलौ लिवाइ,मेवा लीन्हौ मँगाइ, बिबिध-रस मिठाई ॥
जेंवत बलराम-स्याम, संतन के सुखद धाम,धेनु काज नहिं बिराम, जसुदा जल ल्याई । 
स्याम-राम मुख पखारि, ग्वाल-बाल दिए हँकारि,जमुना -तट मन बिचारि, गाइनि हँकराई ॥
सृंग-बेनु-नाद करत, मुरली मधु अधर धरत,जननी-मन हरत, ग्वाल गावत सुघराई ।
बृंदाबन तुरत जाइ, धेनु चरति तृन अघाइ, स्याम हरष पाइ, निरखि सूरज बलि जाई ॥

Tags: सूरदास

Post your comment
Name
Email
Comment
 

काव्य रचना

विविध