खास खबरें न्यायालयीन प्रकरणों में समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत किया जाये डूडल कर रहा मतदान के लिए लोगों को प्रेरित अमेरिका में आज जारी होगी रूसी दखल की जांच से जुड़ी मुलर रिपोर्ट भारतीय टीम के चयन पर बोले रवि शास्‍त्री 'मैं 16 खिलाडियों की टीम चुनता', खिलाडियों को दी निराश न होने की सलाह जेल के दिन याद करके रोई साध्‍वी प्रज्ञा, बोली-पीटने वाले बदलते थे पर पिटने वाली मैं वही रहती थी दो साल तक स्‍क्रीन से इसलिए गायब रहे आदित्‍य रॉय कपूर सोने की कीमत में गिरावट का दौर जारी विज्ञापन ‘‘चौकीदार चोर है‘‘ पर लगी रोक वाराणसी में मोदी के खिलाफ उतर सकती है प्रियंका गांधी, राहुल बोले-सस्‍पेंस बुरा नहीं हनुमान जी के इन मंत्रों का पाठ करने से मिलती है शारीरिक पीड़ा से मुक्ति

जीवन के कष्‍टों से पार पाने इस प्रकार मिलेगी भोलेनाथ की कृपा

जीवन के कष्‍टों से पार पाने इस प्रकार मिलेगी भोलेनाथ की कृपा

Post By : Dastak Admin on 07-Sep-2018 08:12:45

pradosh vrat


प्रदोष व्रत महीने में दो बार होता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। यह व्रत एक बार शुक्‍ल पक्ष और दूसरी बार कृष्‍ण पक्ष में आता है। इस व्रत में भगवान शिव जी की पूजा करने से सभी पापो का नाश होता है। 

इस व्रत को वार के अनुसार करने से ज्‍यादा लाभ मिलता है। जिस वार को यह व्रत पड़ता है उसी अनुसार कथा पढ़ने से फल भी प्राप्‍त होते हैं। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार शिव जी की पूजा का सही समय शाम का है, जब मंदिरों में प्रदोषम मंत्र का जाप किया जाता है। 

यदि प्रदोष व्रत शनिवार को पड़ रहा है तो इस व्रत को करने से पुत्र की प्राप्‍ती होगी। प्रदोष व्रत का महत्व: यदि व्‍यक्‍ति को सभी प्रकार की पूजा पाठ और व्रत करने के बाद भी सुख शांति और खुशी नहीं मिल पा रही है तो उस व्‍यक्‍ति को हर माह पड़ने वाले प्रदोष व्रत पर जप, दान, व्रत आदि करने से पूरा फल मिलता है। यदि व्‍यक्‍ति चंद्रमा के कारण परेशान है तो उसे वर्ष भर के सारे प्रदोष व्रत करने चाहिये। 

प्रदोष व्रत पर उपवास करें, लोहा, तिल, काली उड़द, शकरकंद, मूली, कंबल, जूता और कोयला आदि चीजों का दान करें, जिससे शनि परेशान न कर सके। शनि खराब चलने से व्‍यक्‍ति को रोग, दरिद्रता और परेशानी आदि घेर लेती है। यदि प्रदोष व्रत शनि प्रदोष व्रतके रूप में आया है तो इस दिन शिवजी, हनुमान और भैरव की पूजा करनी चाहिये। 

Tags: pradosh vrat

Post your comment
Name
Email
Comment
 

धर्म

विविध