खास खबरें दर्शनार्थी द्वारा मन्दिर गार्ड के साथ मारपीट प्रकरण में एफआईआर दर्ज महाराष्‍ट्र : वर्धा के सैन्‍य डिपो में हुआ ब्‍लॉस्‍ट, 4 की मौत, 6 अन्‍य घायल इंडोनेशिया : मस्जिदों में नमाजियों को दिया जा रहा कट्टरता का पाठ -खुफिया एजेंसी महिला विश्व चैंपियनिशप में बॉक्सर मेरीकॉम ने पदक किया पक्‍का, सेमीफाइनल में किया प्रवेश सुषमा स्‍वराज के चुनाव नहीं लड़ने की बात पर बोले चिदंबरम 'बीजेपी की हालत देख छोड़ रही मैदान' फिल्म शकीला का पोस्टर जारी, ऋचा चडढा नजर आएंगी एडल्‍ट स्‍टार शकीला के रोल में निफ्टी 10750 के नीचे, सेंसेक्स 100 अंक लुढ़का पीएम मोदी आज झाबुआ में करेंगे चुनावी सभा, ये चीजे ले जाना प्रतिबंधित गुरूग्राम : मासूम के साथ हैवानियत करने वाला दरिंदा पकड़ाया, दुष्‍कर्म के बाद प्राइवेट पाटर्स डाल दी लकड़ी कर्ज से दिलाता है मुक्ति भोम प्रदोष व्रत, जानें कथा .

राखी पर बन रहा है ये शुभ संयोग, पूरे दिन बंधेगी राखी

राखी पर बन रहा है ये शुभ संयोग, पूरे दिन बंधेगी राखी

Post By : Dastak Admin on 25-Aug-2018 10:14:45

rakhi muhurat


भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहार रक्षाबंधन इस साल 26 अगस्त को मनाया जाना वाला है. श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह त्योहार हर भाई-बहन के लिए बेहद खास होता है. इस साल राखी कई मायनों में खास है, क्योंकि वर्षों बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब राखी बांधने के लिए बहनों को किसी भी शुभ मुहूर्त का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. इस बार पूर्णिमा के दिन पूरे 24 घंटे तक राखी बांधी जा सकेगी.

रक्षाबंधन के दिन बहन अपने छोटे और बड़े भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र यानि की राखी बांधकर अपनी सुरक्षा का वचन मांगती है. भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के बाद बहन उसके माथे पर तिलक लगाकर आरती करती है. हिंदू धर्म की मान्यता के मुताबिक, ऐसा करने से भाई-बहन का रिश्ता अटूट हो जाता है. कहते हैं कि जब तक जीवन की डोर और श्वांसों का आवागमन रहता है एक भाई अपनी बहन के लिए और उसकी सुरक्षा, खुशियों के लिए हमेशा आगे रहता है. 

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
वैसे तो भाई की कलाई पर राखी बांधने का कोई भी वक्त अशुभ नहीं माना जाता है. परन्तु भाई की दीर्घायु और खुशियों की कामना एक शुभ मुहूर्त में की जाए तो सारे कष्ट दूर होते हैं. ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, इस साल 26 अगस्त को सुबह 05.59 से सायंकाल 17.25 तक राखी बांधने का मुहूर्त शुभ है. कुछ ज्योतिषाचार्यों का यह भी कहना है कि सूर्योदय के समय राखी बांधी जाए तो यह भाई को दीर्घायु प्रदान करती है. 
 
भद्राकाल में नहीं बांधी जाती है राखी
भूख पेट रहने के अलावा रक्षाबंधन का एक खास नियम यह भी है कि भद्राकाल में राखी नहीं बांधी जाती है. इस वर्ष राखी की सबसे खास बात ये है कि भद्राकाल का समय सूर्य के उदय होने से पहले ही समाप्त हो जाएगा.

ऐसे तैयार करिए पूजा की थाली
रक्षा बंधन के इस पवित्र त्योहार पर बहनें सुबह उठकर सर्वप्रथम स्नान आदि करके नए कपड़े पहनती हैं. इसके बाद पीतल की थाली में राखी, कुमकुम, हल्दी, चावल के दाने और मिठाई रखती हैं. पूजा की थाली तैयार करने के बाद बहन, भाई की पूजा करती हैं. सबसे पहले बहनें भाई को तिलक कर उसकी आरती करती है, उसके बाद उस पर अक्षत फेंकते हुए मंत्र पढ़ती हैं और फिर उनकी कलाई को रेशम के धागे से सजाती हैं. इसके बाद उसका मुंह मीठा करवाती है. 

पूजा तक भूखे रहते हैं भाई और बहन
हिंदू धर्म की मान्यता के मुताबिक, रक्षाबंधन की पूजा तक भाई और बहन को भूखे पेट रहना आवश्यक होता है. कहा जाता है कि खाली पेट पूजा करने से भाई और बहन की पूजा सफल होती है और जो वादे किए जाते हैं वो हमेशा पूरे होते हैं. राखी की रस्म निभाने के बाद भाई या बहन दोनों में से जो भी छोटा होता है उसे आशीर्वाद लेना होता है. 

Tags: rakhi muhurat

Post your comment
Name
Email
Comment
 

ज्योतिष

विविध