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अब देश में ही होगा हथियारों का निर्माण, केंद्र ने दी रूके प्रोजेक्ट की मंजूरी

अब देश में ही होगा हथियारों का निर्माण, केंद्र ने दी रूके प्रोजेक्ट की मंजूरी

Post By : Dastak Admin on 25-May-2018 12:25:42

डॉ. चंदर सोनाने

डॉ. चंदर सोनाने                           
                                 मेक इन इंडिया के अंतर्गत केंद्र सरकार ने काफी समय से रूके प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। भारतीय सेना के लिए 15 हजार करोड़ रूपये की रक्षा परियोजना को स्वीकृति दी है। इस सोदे में सेना के लिए आधुनिक हथियार और गोला बारूद देश में ही निर्मित किए जायेंगे। 
                                विश्व में सबसे अधिक हथियारों की खरीदी का रिकार्ड हमारे देश भारत के नाम है। इसमें बदलाव लाने के लिए केंद्र सरकार पर सेना का काफी दिनों से दबाव था। 15 हजार करोड़ रूपये की स्वीकृति से स्वदेशीकरण को निश्चित रूप से बढ़ावा मिलेगा । सेना  के शीर्ष अधिकारियों की निगरानी में देश की ही 11 निजी संस्थाओं से रक्षा उपकरणों की खरीदी होगी।  पिछले महीने ही सेना के शीर्ष कमाड़रों की बैठक में इस योजना को अमलीजामा पहनाया गया था। सेना प्रमुख श्री बिपिन रावत जल्दी से जल्दी हथियार खरीदी को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे थे, ताकि दुनियाँ की दूसरी सबसे बड़ी सेना को और ज्यादा मजबूत बनाया जा सके। स्वदेशी हथियारों के निर्माण की दिशा में यह सबसे बड़ा सौदा है। 
                                केंद्र सरकार की उक्त स्वीकृति से देश में ही रॉकेट्स,वायु रक्षा प्रणाली, तोपखाने की बंदूकें , पैदल सेना के यु़द्ध वाहन, ग्रेनेड लॉन्चर और अन्य हथियारों का उत्पादन किया जाएगा। इस परियोजना में यह भी प्रावधान किया गया है कि हथियारों को इतना स्टॉक रखा जाएगा कि सेना 30 दिनां का युद्ध लड़ सके। इस परियोजना को 10 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 
                                 उल्लेखनीय है कि विश्व में सबसे अधिक हथियारों का आयात भारत ही करता है। इससे हजारों करोड़ों रूपये की विदेशी मुद्रा खर्च होती है। इसके साथ ही हम हथियारों के मामले में विदेशों पर निर्भर हो जाते हैं। साथ ही हथियारों की तकनिकी जानकारियों की भी हमें जिस देश से हथियार आयात किए जाते हैं, उन पर निर्भर रहना पड़ता है। हमारे देश में हथियार तथा अन्य आवश्यक उपकरण बनने से हम हथियारों के निर्माण  के ़क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की दिशा में भी कदम रख सकेंगे। यह बहुत जरूरी भी था। अब जाकर केंद्र सरकार ने इसकी मंजूरी दी है। आशा की जा सकती है कि देश हथियारों के निर्माण में जल्दी ही अत्मनिर्भर बनेगा। 
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