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अधिमान्य श्रमजीवी पत्रकारों के परिजनों को आर्थिक सहायता बढ़ाकर की 4 लाख, शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं अधिकारियों को सातवें वेतनमान का लाभ

अधिमान्य श्रमजीवी पत्रकारों के परिजनों को आर्थिक सहायता बढ़ाकर की 4 लाख, शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं अधिकारियों को सातवें वेतनमान का लाभ

Post By : Dastak Admin on 05-Sep-2018 10:36:31

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पत्रकारों के कैमरे क्षतिग्रस्त होने पर मिलेगी 50 हजार की अार्थिक सहायता 
मंत्रि-परिषद के निर्णय 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में  हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के अधिमान्यता प्राप्त श्रमजीवी पत्रकारों की मृत्यु होने पर उनके आश्रित पत्नि और नाबालिग बच्चों को आर्थिक सहायता देने की अधिकतम सीमा राशि एक लाख को बढ़ाकर 4 लाख रूपये करने का निर्णय लिया गया। इसी प्रकार प्रदेश के श्रमजीवी पत्रकारों/कैमरामैनों के वाहन/कैमरा आदि क्षतिग्रस्त होने पर पत्रकार कल्याण कोष से सहायता राशि 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रूपये करने का निर्णय भी लिया गया।

पत्रकारों को आवास ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान

मंत्रि-परिषद ने अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों के आवास ऋण पर लगने वाले ब्याज का 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान देने का निर्णय लिया है। ब्याज अनुदान भारतीय रिजर्व बैंक से मान्यता प्राप्त किसी भी वित्तीय संस्था से आवास ऋण लेने पर मिलेगा। अनुदान 25 लाख रूपये के आवासीय ऋण पर मिलेगा। यह 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान पाँच वर्ष के लिये दिया जायेगा। यह सुविधा पत्रकार पति अथवा पत्नि को एक ही आवास के लिये इसी वित्तीय वर्ष से दी जायेगी।

शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं अधिकारियों को सातवें वेतनमान का लाभ

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं समकक्ष सवंर्गों में पदस्थ सभी अधिकारियों तथा विश्वविद्यालयों (निजी विश्वविधालयों को छोड़कर) के कुल सचिवों को मानव संसाधन विकास मंत्रालय तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के संशोधनों के अनुरूप सातवें वेतनमान का लाभ 1 जनवरी 2016 से देने की मंजूरी दी। इन श्रेणी के अधिकारियों को 1 जनवरी 2016 से 31 अगस्त 2018 तक के एरियर्स की राशि का भुगतान एक किश्त में वर्ष 2018-19 में ही कर उनके सामान्य भविष्य निधि खाते में जमा किया जायेगा।

19 शहरी और 32 ग्रामीण स्वास्थ्य संस्थाओं का उन्नयन/स्थापना

मंत्रि-परिषद ने 19 शहरी और 32 ग्रामीण स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन/स्थापना की मंजूरी दी है। इसमें जिला चिकित्सालय भोपाल का 300 से 400 बिस्तर, जिला चिकित्सालय पन्ना 200 से 300, जिला चिकित्सालय उमरिया 100 से 300, जिला चिकित्सालय अशोकनगर एवं आगर-मालवा 100 से 200, सिविल अस्पताल हजीरा ग्वालियर 48 से 100 बिस्तर सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मुंगावली, बरघाट, बैहर, आमला,नागदा, चंदेरी, केवलारी, मउगंज, जीरापुर, गढ़ाकोटा, सिरमौर एवं अंजड़ का 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल तथा सिविल डिस्पेन्सरी बाणगंगा का 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन होगा।

ग्रामीण क्षेत्र में 32 स्वास्थ्य संस्थाओं का उन्नयन एवं नवीन स्थापना में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बेलखेड़ा, फूफ, कोठी, उमरवन एवं बोरी का 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सहित उप स्वास्थ्य केन्द्र छकतला, पुछीकरगुवा, कुण्डलपुर, बिजौरा(रावतपुरा), चैनपुरा, आष्टा, मुंगवानी, शिवपुरवा, नयागाँव, मानिकवार,घुटास, तिलावली, परीक्षा, सुनवानी, अटरा, अजगरहा, भटलो, कमर्जी, राजनगर, धनेला, पड़कौली एवं बायां का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन तथा ग्राम सेमलापुरा, पोड़ी, पाली, कोटेश्वर एवं ददरौआ में नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना करने की मंजूरी दी। इसके लिये 797 पद की स्वीकृति सहित संस्थाओं के भवन निर्माण, उपकरण एवं फर्नीचर संस्थापना की भी अनुमति दी गई है।

20 शहरों में सिटी डीयूटीएफ का गठन

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश के 20 शहरों में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिये इन शहरों में  सिटी डीयूटीएफ का गठन करने और राज्य स्तर पर एसडीयूटीएफ का गठन करने का निर्णय लिया। इसमें 16 नगर निगम और 4 नगर पालिका शामिल हैं। इन शहरों में भोपाल, इन्दौर, विदिशा, देवास, खण्डवा, बुरहानपुर, रतलाम, उज्जैन, सागर, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना, भिण्ड, जबलपुर, कटनी, रीवा, सतना, सिंगरौली और छिंदवाड़ा को शामिल किया गया है।

उत्कृष्टता केन्द्र योजना लागू होगी

मंत्रि-परिषद ने आधुनिक उदयोगों की अत्याधिक कुशल जनशक्ति की आवश्यकता की पूर्ति के लिये उत्कृष्टता केन्द्र योजना लागू करने का निर्णय लिया। योजना अगले 5 वर्ष के लिये प्रभावशील होगी। योजना में इंजीनियरिंग, पोलीटेक्निक महाविद्यालय, आईटीआई संस्थान एवं महाविद्यालय के विद्यार्थियों तथा शिक्षकों/ प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जायेगा। योजना में आवेदक पात्र संस्था द्वारा न्यूनतम 90 प्रतिशत पूँजी निवेश तथा शेष अधिकतम 10 प्रतिशत वित्तीय भार राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा।

अन्य निर्णय

मंत्रि-परिषद ने 13 नवीन आईटीआई की स्थापना तथा महिला आईटीआई सिघंना मनावर को एकलव्य आईटीआई के रूप में उन्नयन करने का निर्णय लिया।

मंत्रि-परिषद ने पुलिस महानिदेशक के 2 पद का अस्थाई सृजन संवर्ग पुनरीक्षण की अधिसूचना जारी होने तक/ दो वर्ष के लिये करने का निर्णय लिया। इसका समायोजन संवर्ग पुनरीक्षण की अधिसूचना जारी होने पर प्राप्त पदों से/ दो वर्ष की अवधि के बाद  प्राप्त रिक्त पदों से किये जाने की मंजूरी दी।

मंत्रि-परिषद ने नई तहसील स्लीमनाबाद के सृजन की मंजूरी दी, इसका मुख्यालय स्लीमनाबाद होगा। नवगठित तहसील स्लीमनाबाद जिला कटनी के लिये तहसीलदार का एक, नायब तहसीलदार के दो, सहायक ग्रेड-2 के दो, सहायक ग्रेड-3 के 4, सहायक ग्रेड-3 प्रवाचक के तीन, जमादार/दफ्तरी/बस्तावरदार का एक-एक, वाहन चालक का एक और भृत्य के छ: सहित कुल 20 पद के सृजन की मंजूरी दी।

मंत्रि-परिषद ने करैरा अभयारण्य के गठन की अधिसूचना को रद्द कर (डिनोटिफिकेशन), सोनचिड़िया अभयारण्य, घाटीगाँव के आंशिक क्षेत्र का डिनोटिफिकेशन तथा अन्य विकास योजनाओं में उपयोग में आ रही अभयारण्य/ राष्ट्रीय उदयान की भूमि के समतुल्य भूमि को संरक्षित क्षेत्र (राष्ट्रीय उदयान/ अभयारण्य) के रूप में शामिल करते हुए कूनो राष्ट्रीय उदयान के गठन को मंजूरी दी।

मध्यप्रदेश रेत नियम 2018 अनुमोदित

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश रेत खनिज नीति 2017 के अनुक्रम में मध्यप्रदेश रेत नियम 2018 को अनुमोदित किया। इसके अनुसार सभी नई रेत खदाने ग्राम पंचायतों द्वारा ही संचालित होगी। अवैध उत्खनन एवं अवैध भण्डारण के प्रकरणों में वाहन, मशीनरी को राजसात करने के लिये द्वितीय बार पकड़े जाने पर अनिवार्य राजसात करने का प्रावधान नियमों में किया गया है। रेत के भण्डारण की अनुज्ञा की प्रक्रिया अत्यंत सरल की गई है।

मंत्रि-परिषद ने विदेशों या अन्य राज्यों से मण्डी क्षेत्र में दाल मिलों के द्वारा प्र-संस्करण के लिये आयातित अधिसूचित दलहन यथा उड़द/उड़दा, मूंग, तुअर/अरहर, मसूर एवं मटर/बटरा/बटरी पर देय मण्डी फीस से छूट की अवधि अधिसूचना प्रकाशन 1 अगस्त 2018 से आगामी एक वर्ष के लिये बढाने का निर्णय लिया ।

मंत्रि-परिषद ने पशुपालन विभाग के अन्तर्गत बारहवीं पंचवर्षीय योजना में डेयरी संचालन विकास एवं विस्तार गतिविधियाँ योजना को वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक निरंतर रखने की अनुमति दी।

मंत्रि-परिषद ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित कृषकों के अल्पकालीन ऋण के मध्यकालीन ऋण परिवर्तन पर ब्याज अनुदान योजना को निरंतर रखने के संबंध में वर्ष 2017-18 में 350 करोड़, 2018-19 में 233 करोड़ तथा वर्ष 2019-20 से 117 करोड़ के व्यय की मंजूरी दी।

मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना की अवधि बढ़ाकर 30 सितंबर तक की है। अभी तक 5 लाख किसानों ने इसका लाभ लिया है।

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के नगरीय निकायों के लिये प्रचलित फायर सर्विसेस योजना को वर्ष 2018 से 2022 तक निरंतर रखने के लिये कुल राज्यांश 58 करोड़ 78 लाख रूपये की मंजूरी दी।

मंत्रि-परिषद ने संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश के अधीन संयुक्त चयन परीक्षा के माध्यम से सीधी भर्ती के 96 पदों को भरने की मंजूरी दी और नियुक्ति आदेश जारी करने के लिये निर्धारित समय- सीमा में  दो वर्ष की छूट प्रदान करने का निर्णय लिया।

मंत्रि-परिषद ने बैतूल जिले की वर्धा सिंचाई परियोजना के कुल सैंच्य क्षेत्र 5700 हेक्टेयर के लिये 155 करोड़ 26 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की ।

 

दुर्गेश रायकवार/संदीप कपूर

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