खास खबरें हाईकोर्ट ने शासन पर लगाया 25 हजार का जुर्माना पीएम और गृह मंत्री ले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु के दस्‍तावेजों पर फैसला - केंद्रीय सूचना आयोग डोनाल्‍ड ट्रंप बोले, जल्द होगी किम के साथ दूसरी बैठक एशिया कप 2018 : आज आमने-सामने होगी भारत-अफगानिस्‍तान की टीमें पीएम मोदी पर अक्रामक हुए राहुल गांधी बोले, पीएम मोदी है 'कमांडर इन थीफ' 'कॉफी विद करण' में भाई अर्जुन के साथ आएंगी जाहन्‍वी सेंसेक्स 110 अंक , निफ्टी 11100 के नीचे भोपाल-इन्दौर मेट्रो रेल परियोजना के लिये 405 पद के सृजन की मंजूरी बीएसयू में हुआ हंगामा, बूथ में लगाई आग, डॉक्‍टर-मरीज के परिजनों में हुई हाथापाई आज से शुरू होगा, पितृों का पूजन-तर्पण, पूर्णिमा का होगा पहला श्राद्ध

'बच्‍चे के हाथ में चॉकलेट देकर छिनेंगे तो वो रोऐगा ही' -सुमित्रा महाजन

'बच्‍चे के हाथ में चॉकलेट देकर छिनेंगे तो वो रोऐगा ही' -सुमित्रा महाजन

Post By : Dastak Admin on 07-Sep-2018 09:03:14

sumitra mahajan said for scst act


इंदौर. अगर कोई व्यक्ति समाज में दबा-कुचला रहा है तो उसे भी साथ लेना चाहिए। यह भी ठीक नहीं कि जो कानून सालों साल से चला रहा है। एससी-एसटी एक्ट का कानून बहुत पुराना है। मगर, कानून को बदलना है। नया बनाना है। इसमें कुछ जोड़ने का अधिकार तो संसद को है।

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है उससे तो बात आगे नहीं बढ़ेगी। सुप्रीम कोर्ट में कुछ बात गई तो संसद ने कहा कि ऐसा नहीं होता। सबने मिलकर बात संसद में कही। एक छोटी सी साइकोलॉजी है- अगर एक बार मैंने मेरे बेटे के हाथ में बड़ा सा चॉकलेट दिया तो किसी तीसरे ने कहा कि इतना बड़ा चॉकलेट देना अच्छी बात नहीं है। आप उस बच्चे के हाथ से जबरदस्ती चॉकलेट लेंगे तो वह रोएगा, गुस्सा करेगा। बहुत आक्रोश करेगा। ऐसे में घर के कुछ दो-तीन बड़े समझदार लोग उसे समझाने में लग जाएंगे। वो समझाकर धीरे से चॉकलेट हाथ से निकाल लेंगे। तो कहने का मतलब है कि किसी को दी हुई चीज कोई तुरंत छीनना चाहे तो विस्फोट हो सकता है। आप समझो सरकार ने ये क्यों किया। ये विस्फोट हो सकता है। कहीं समाज में विचार-विमर्श से यह होना चाहिए। ये बदलाव होना जरूरी है। एक्ट में बदलाव हो यह ठीक नहीं। इस एक्ट का ठीक से उपयोग नहीं हो पा रहा है। उन पर अन्याय हुआ, अब हम पर अन्याय हो रहा... दोनों पर बराबर अन्याय। यह सामाजिक स्थिति ठीक नहीं। विचार-विमर्श होना चाहिए। तुलनात्मक विचार हो जाए। सभी राजनीतिक दल साथ हों। तभी कुछ बात निकले।

Tags: sumitra mahajan said for scst act

Post your comment
Name
Email
Comment
 

राजनीति

विविध