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जिले में 2300 दिव्यांगों के बनाए गए युडीआईडी कार्ड

जिले में 2300 दिव्यांगों के बनाए गए युडीआईडी कार्ड

Post By : Dastak Admin on 08-Sep-2018 17:22:08

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दिव्यांगों के लिए शासन देता है कई सुविधाएं,कलेक्टर ने की जिले में दिव्यांग कल्याण की समीक्षा 
रतलाम |  रतलाम जिले में चिन्हांकित 9224 दिव्यांगजनों के युडीआईडी कार्ड बनाए जाएंगे। युडीआईडी कार्ड अर्थात यूनिट डिसएबिलीटी आईडेंटीटी कार्ड द्वारा दिव्यांगों को शासन प्रदत्त कई प्रकार की सुविधाएं मिलती हैं। ये कार्ड पहचान पत्र के रुप में कार्य करता है। यह जानकारी आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सम्पन्न जिला सलाहकार समिति की बैठक में दी गई।
    कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने इस अवसर पर जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय के तहत कार्य करने वाले मोबाइल स्त्रात समन्वयकों को निर्देशित किया कि वे अपने फिल्ड कार्यक्रमों से सतत् अवगत करवाते रहें। फिल्ड में जाकर दिव्यांग बच्चों को चिन्हांकित करे, उनको शासन द्वारा प्रदत्त सुविधाएं दिलाने, शालाओं में भर्ती करवाकर छात्रवृत्ति दिलवाने इत्यादि में ढिलाई नहीं बरतें। जिला पंचायत सीईओ श्री सोमेश मिश्रा, अतिरिक्त सीईओ श्री दिनेश वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अमर वरधानी, महिला बाल विकास अधिकारी श्रीमती सुषमा भदौरिया आदि बैठक में उपस्थित थे।
    बैठक में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने निर्देश दिए कि जिले में खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रो में पहुंचकर दिव्यांगों को चिन्हांकित किया जाए, ताकि उनको शासन प्रदत्त सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें। युडीआईडी कार्ड बनाने के काम में तेजी लाई जाए, अभी यह संख्या कम है जबकि जिले का लक्ष्य 9 हजार से अधिक है। मोबाईल स्त्रोत समन्वयकों को निर्देशित किया कि वे एक निर्धारित प्रपत्र में नियमित रुप से दिव्यांग बच्चों की जानकारी प्रेषित करें। अगर किसी पंचायत में कोई दिव्यांग नहीं पाया जाता है तो पंचायत से प्रमाण पत्र लेकर जिला स्तर पर उपलब्ध कराएँ। बताया गया कि युडीआईडी कार्ड बनाने के लिए दिव्यांग के फोटो, बैंक खाता, आधार नम्बर तथा चिकित्सक का प्रमाण पत्र आवश्यक होता है। कार्ड बनाने का कार्य मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा किया जाता है। समस्त कार्रवाई उपरांत कार्ड दिल्ली से बनकर सीधे दिव्यांग को उसके दिए गए पते पर मिलता है।
    जानकारी दी गई कि ऐसे दृष्टिबाधित तथा अस्थिबाधित बच्चे जो जो कक्षा 10 वीं में प्रवेश करते हैं उनको शासन के प्रावधान के तहत लेपटाप हेतु राशि उपलब्ध कराई जाती है। इसी प्रकार 60 प्रतिशत अस्थिबाधित बच्चे के कक्षा 9 वीं में प्रवेश पर उसे मोटराइज्ड ट्राईसिकल उपलब्ध कराई जाती है। अस्थिबाधित तथा दृष्टिबाधित के आईटीआई प्रवेश पर भी लेपटाप उपलब्ध कराया जाता है। इनको स्नातकोत्तर कक्षा में प्रवेश पर भी लेपटाप मिलता है। इसके अलावा यदि दिव्यांगजन राज्यस्तरीय खेलकूद स्पर्धा में शामिल होते हैं तो उनके खेल के लिए सहायक सामग्री हेतु निराश्रित राशि से राशि देने का प्रावधान है। राज्य बीमारी सहायता में कव्हर्ड बीमारी की दशा में उपचार राशि भी मिलती है। शासन की स्वरोजगार योजना के तहत भी इनको ऋण उपलब्ध कराए जाते हैं।
    बैठक में यह भी बताया गया कि डीपीसी कार्यालय द्वारा दिव्यांगों के लिए सायकल, ट्राईसिकल, स्टेशनरी, किताबों, अंग उपकरण सहायता उपलब्ध कराई जाती है। कलेक्टर ने आगामी विधानसभा निर्वाचन के तहत यह भी निर्देशित किया कि सभी दिव्यांगो के नाम मतदाता सूची में हों। कोई भी दिव्यांग मतदान से वंचित न रहे।

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