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मात्र 70 दिन में मक्का की खेती कर दुगना लाभ कमाया श्री रुपेश राठौर ने

मात्र 70 दिन में मक्का की खेती कर दुगना लाभ कमाया श्री रुपेश राठौर ने

Post By : Dastak Admin on 29-Aug-2018 22:32:41

 

आगर-मालवा |  आगर मालवा जिले के कानड़ निवासी किसान श्री रूपेश राठौर ने अपनी मेहनत एवं सूझबूझ से मक्का की खेती से दुगना लाभ कमाया है। कृषक श्री रुपेश राठौर ने बताया कि पहले वह पुराने तरीके से खेती किया करता था, किंतु जब से जैविक खेती प्रारंभ की है तब से वह अपने खेतों में जैविक तरीके से ही सोयाबीन, मक्का, अरहर एवं अन्य फसलों की खेती कर कम लागत में अधिक उत्पादन कर दुगना मुनाफा कमा रहे हैं।
    कृषक श्री रूपेश राठौर ने बताया कि उसने अपने खेत में 3 एकड़ में मक्का की बोनी की है। जिसमें से एक एकड़ में लगे हरे मक्के के भुट्टे को तुड़वाकर उन्हें 400 प्रति कट्टे के भाव से कुल 140 कट्टे मण्डी में बेचा। इस प्रकार उन्हें केवल 70 दिन में ही एक एकड़ से लगभग 56 हजार रूपये की आमदानी प्राप्त हुई। श्री राठौर बताते है कि अभी 2 एकड़ में लगी मक्का को बेचना बाकी है, जोकि लगभग पक कर तैयार है।
    श्री रूपेश राठौर ने बताया कि कृषि विभाग एवं आत्मा विभाग द्वारा आयोजित होने वाली कृषक संगोष्ठी में वह उपस्थित हुए, जहां पर उन्हें कृषि वैज्ञानिकों द्वारा कृषि की नवीन तकनीक तथा विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। कृषि वैज्ञानिकों से खेती की नई तकनीकी की जानकारी मिलने तथा शासन द्वारा किसानों के लिये संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिलने से उसने खेती के नये गुर सीखे तथा अधिकारियों के सतत सम्पर्क में रहकर उनसे मिलने वाली तकनीकी सलाह एवं सुझाव से जैविक पद्धति से खेती करने का निर्णय लिया।
    कृषक श्री रूपेश राठौर बताते है कि उन्होंने जैविक खाद बनाने के लिए अभिनव प्रयोग किया है। वे बताते है कि जैविक कृषि अनुसंधान केन्द्र गाजियाबाद से बायोडीकम्पोजर की बैकटीरिया खरीद कर लाए थे। इसी बैकटीरिया के माध्यम से उन्होंने जैविक खाद एवं जैविक दवाई बनाई है। वे अपने यहां लगभग 09 से अधिक पशुओं का पालन कर उनसे गौमूत्र तथा गोबर से खाद का निर्माण कर स्वयं की खेती में उपयोग कर रहें हैं। साथ ही निर्मित खाद को 800 रूपये प्रति क्विंटल के भाव से अन्य किसानों को विक्रय कर मुनाफा भी कमा रहे हैं। 

Tags: success story

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