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खरीफ मौसम की फसल हेतु कृषकों को सलाह

खरीफ मौसम की फसल हेतु कृषकों को सलाह

Post By : Dastak Admin on 31-Jul-2018 21:58:12

kharif fasal

 

    उज्जैन । भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान इन्दौर द्वारा किसानों की खरीफ मौसम की फसल सोयाबीन के लिये सलाह दी गई है। कृषि वैज्ञानिकों ने कृषकों को सलाह दी है कि पत्ती खाने वाली इल्लियों के लिये पूर्व मिश्रित कीटनाशक बीटासाइफ्लूथ्रीन, इमीडाक्लोप्रिड 350 मिली प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। इस उपाय से सोयाबीन की तना मक्खी एवं रस चूसने वाले कीट जैसे- सफेद मक्खी का भी नियंत्रण होगा।

    किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उप संचालक ने यह जानकारी देते हुए बताया कि किसान अपनी सोयाबीन की फसल में पीला मोजाइक बीमारी को फैलाने वाली सफेद मक्खी के प्रबंधन के लिये खेत में यलो स्टीकी ट्रेप का प्रयोग करें, जिससे मक्खी के वयस्क नष्ट किये जा सकें। पीला मोजाइक रोग से ग्रसित पौधों को खेत से निकालकर नष्ट कर दें। इससे रोग को फैलने से रोकने में सहायता होगी।

जिन स्थानों पर सोयाबीन की फसल पर सफेद सुंडी का प्रकोप देखने में आ रहा है, वहां किसान विशेष ध्यान देकर सफेद सुंडी को नष्ट करने के लिये इमीडाक्लोप्रिल 17.8 मिली 300 मिली प्रति हेक्टेयर अथवा जैविक कीटनाशक मेटाराइजियम एनाइसोप्ली 1 किलो प्रति हेक्टेयर अथवा क्लोरपाइरिफोंस 10जी 20 किलो प्रति हेक्टेयर की दर से उपयोग किया जाये। जिन स्थानों पर गर्डल बिटल का प्रकोप शुरू हो गया है वहां पर किसान थाइक्लोप्रिड 21.7 एससी 650 मिली प्रति हेक्टेयर अथवा ट्राइजोफॉस 40 ईसी 800 मिली प्रति हेक्टेयर की दर से फसल में छिड़काव करें। फसल की सतत निगरानी करते हुए किसान तंबाकू की इल्ली अथवा बिहार की रोएंदार इल्ली के समूह द्वारा ग्रसित पत्तियों, पौधों को पहचान कर उसे नष्ट किया जाये।

 

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