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अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर अलीराजपुर जिले की स्पेशल स्टोरी

अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर अलीराजपुर जिले की स्पेशल स्टोरी

Post By : Dastak Admin on 07-Sep-2018 23:54:03

अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस


साक्षरता से सक्षमता कि ओर बढ़ते अलीराजपुर जिले की हजारों समूहों से जुडी महिलाओं के कदम, सक्षम अभियान से बदलाव की बयार नजर आने लगी, कलेक्टर श्री गणेश शंकर मिश्रा की सोच जिले में साक्षरता के कलंक को मिटाने में बन रही सहायक, हस्ताक्षर के साथ अक्षर ज्ञान का पाठ सीख रही जिले की समूह से जुडी महिलाएं 
अलिराजपुर | देश के मानचित्र पर साक्षरता के क्षेत्र में अलीराजपुर जिले का साक्षरता प्रतिशत 37.6 है, जिसमें महिलाओं का साक्षरता प्रतिशत 21.1 है। राष्ट्र स्तर पर साक्षरता के सबसे पिछडे पायदान पर अंकित होने के कलंक को मिटाने के लिए अलीराजपुर जिले की स्वयं सहायता समूहों से जुडी हजारों महिलाओं ने बीढा उठाया है। इन महिलाओं ने स्वयं को साक्षर बनाकर सक्षमता कि ओर तेजी से आगे बढने की पहल कर दी है। जिले में इस पहल के प्रारंभिक परिणाम सकारात्मक रूप से प्राप्त भी हो रहे है। 
    कलेक्टर श्री गणेश शंकर मिश्रा की एक सोच ओर पहल से जिले में 3 फरवरी 2018 को सक्षम अभियान की शुरूआत की गई थी। अभियान के तहत जिले में समूहों से जुडी हजारों महिलाओं को साक्षर से सक्षम बनाने की पहल की परिकल्पना की शुरूआत की गई। इस अभियान के तहत सर्वप्रथम जिले के सोंडवा विकासखंड के 28 ग्रामों का चिन्हांकन किया गया। प्रारंभ में कुछ महिलाएं जुडी पर कुछ ही दिनों में यह कारवां सैकडों ओर फिर आगे बढा। वर्तमान में 2100 महिलाएं इन साक्षरता कक्षाओं में प्रतिदिन पहुंचकर हस्ताक्षर सहित अक्षर ज्ञान का पाठ सीखकर सक्षम बनने की ओर पहल कर चुकी है। इस काम में क्षेत्र के युवा भी अपनी भागीदारी दे कर रहे है। इन महिलाओं को साक्षर करने की पहल में क्षेत्र के युवक-युवतियां जो कि 5 सुपरवाइजर एवं 28 प्रेरक के रूप में जुडे है। जो प्रतिदिन तीन अलग-अलग समय में संचालित होने वाली कक्षाओं में पहुंचकर इन महिलाओं को साक्षर बनाने के प्रयास में अपनी भागीदारी दे रहे है। चिन्हांकित प्रत्येक ग्राम में 25-25 महिलाओं के समूहों की प्रतिदिन तीन अलग-अलग समय में साक्षरता कक्षाएं संचालित हो रही है। समूह की इन महिलाओं को प्रेरक आखर साथी पुस्तक के माध्यम से पढाया जा रहा है। वहीं ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय भाषा में पढाने और उन्हें अक्षर ज्ञान की पहचान सरल और सहजता से हो इसके लिए जिला प्रशासन ने विशेष प्रयासों से स्थानीय भाषा पर आधारित वर्णमाला भी तैयार कराई है। इसके माध्यम से इन ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय भाषा में शब्द और अक्षर ज्ञान हेतु होता है, जिससे यह महिलाएं सहज और सरल तरीके से पढाई कर पा रही है। इस वर्णमाला में शब्दों और अक्षर ज्ञान को स्थानीय भीली और भीलाली भाषा में तैयार किया गया है। इसका लाभ इन महिलाओं को मिल रहा है महिलाएं धीरे-धीरे ही सही लेकिन बडी ही सटिक तरीके से शिक्षण के महत्व को सीखकर साक्षरता से सक्षमता की ओर अपने कदम बढा रही है। अब तक तीन माह का प्रशिक्षक पूर्ण चुकी 2100 महिलाएं शिक्षण का प्रथम प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी है। इससे भी बडी उपलब्धि इस अभियान की यह है कि समूह से जुडी कई महिलाएं आने वाले समय में प्राथमिक स्तर की परीक्षा में सम्मिलित होंगी। इन कक्षाओं के संचालन में विभिन्न विभागों का मैदानी अमला एवं प्रयास संस्था का सहयोग भी मिल रहा है। साक्षरता कक्षाओं में सम्मिलित ग्राम उमराली की श्रीमती बाजलीबाई, ग्राम लोढनी की श्रीमती पांचली बाई, ग्राम ओझड की श्रीमती कुमसा जकरिया, ग्राम सिसवालिया की ग्राम झारली कुंवरसिंह सहित अन्य महिलाओं ने बताया साक्षरता कक्षाओं में आने से हमने स्वयं का नाम पति का नाम एवं वर्णमाला के अक्षरों को पढना, उनकों आकार देना सीख लिया है। इन कक्षाओं में आने से हमें आगे बढने में मदद मिल रही है। हम समूह की किताबों में लिखी जाने वाली जानकारी को भी धीरे-धीरे शब्द मिलाकर पढने लगे है। हम भी अपने बच्चों के साथ पढने बैठतीं है। 
6 हजार से अधिक समूहों की 60,300 महिलाओं को जोडेंगे अभियान से
    अलीराजपुर। सक्षम अभियान के संबंध में कलेक्टर श्री गणेश शंकर मिश्रा ने बताया कि सक्षम अभियान के तहत प्रारंभिक सफलताएं उत्साहजनक प्राप्त हुई है। अब इस अभियान से ग्रामीण आजीविका मिशन के अलीराजपुर जिले में गठित करीब 6030 स्वयं सहायता समूहों से जुडी करीब 60,300 महिलाओं को जोडकर उन्हें शिक्षित करने के प्रयास किये जाएंगे। इस अभियान के माध्यम से जुडी महिलाओं को हस्ताक्षर, अक्षर ज्ञान के साथ-साथ प्राथमिक, माध्यमिक एवं अन्य उच्च कक्षाओं में सम्मिलित किया जाना भी प्रस्तावित है।

 

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