खास खबरें मोगली बाल उत्सव- 2018, एप्को में राज्य स्तरीय ट्रेनर एवं क्विज मास्टर प्रशिक्षण कार्यक्रम आज रेवाड़ी गैंगरेप काण्‍ड के दो अन्‍य आरोपी SIT की गिरफ्त में राफेड विवाद में पाक ने अड़ाई अपनी टांग, कहा- सरकार कर रही पीएम मोदी को बचाने की कोशिश खेल मंत्रालय ने दी सफाई, विराट कोहली को क्‍यों चुना गया 'खेल रत्‍न' के लिए समाजवादी पार्टी की ‘सामाजिक न्याय व लोकतंत्र बचाओ’ यात्रा पहुँची जंतर-मंतर, पार्टी संस्थापक और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने भरी हुंकार सनी देओल-साक्षी तंवर स्‍टॉरर 'मोहल्‍ला अस्‍सी' आखिरकार इस दिन होगी रिलीज मुंबई में पेट्रोल के दाम पहुँचे 90 रूपये के करीब राष्ट्रीय स्कॉलरशिप परीक्षाओं के आवेदन की अंतिम तिथि 25 सितम्बर आंध्रप्रदेश : नक्‍सलियों ने की टीडीपी के विधायक और पूर्व विधायक की हत्‍या क्‍यों मनाई जाती है अनंत चतुदर्शी, क्‍या है अंनतसूत्र का महत्‍व

सेवानिवृत्त शिक्षक ने किया देहदान

सेवानिवृत्त शिक्षक ने किया देहदान

Post By : Dastak Admin on 04-Sep-2018 21:17:11

dehdan, mahadan

 

खरगौन | खरगोन के सेवानिवृत्त प्राचार्य श्री अजय कुमार नारमदेव अपनी सेवा के दौरान 40 वर्ष तक जीवविज्ञान पढ़ाते रहे। सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने अपना व अपनी धर्मपत्नी रेखा नारमदेव का अंगदान व देहदान करने का वैधानिक निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने विधिवत रूप से स्वयं का संकल्प लिया और जिला अस्पताल खरगोन को प्रस्तुत किया है। इसके उपरांत श्री नारमदेव ने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अवगत भी कराया है कि देश को वैज्ञानिकों ने बहुत कुछ दिया है। इसी सिलसिले में मानव जाति को भी वैज्ञानिक सोच अपनाकर डॉक्टर्स व वैज्ञानिक को सहयोग देना चाहिए। मानव सेवा का यह भी एक माध्यम है तथा मेडिकल साईंस के विद्यार्थियों को इनकी देह अनुसंधान में काम आए। उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखा कि भारत सरकार भी इस ओर विशेष ध्यान दे और जन जागरूकता अभियान चलाएं। 
कहा भरें देहदान संकल्प पत्र
    अंगदान या देहदान करने के लिए कोई भी 18 वर्ष के उपरांत कभी भी संकल्प पत्र भरा जा सकता है। यह संकल्प पत्र जिला चिकित्सालय के अलावा चिकित्सा महाविद्यालय के शरीर रचना विभाग, एनाटॉमी विभाग एवं गैर शासकीय संगठन एनजीओं से भी प्राप्त किया जा सकता है। साथ ही संकल्प पत्र के लिए www.donetlifeindia.org पर भी भर सकते है। इसके लिए संकल्पकर्ता को 2 फोटो, स्थानीय निवासी का प्रमाण पत्र, 2 गवाहों की सहमति, जो संकल्पकर्ता के निकटतम परिजन हो और गवाहों के फोटो, पहचान पत्र एवं स्थानीय निवास का प्रमाण पत्र आवश्यक है। 
मानव शरीर के आर्गंस और टिश्यू बहुमूल्य
    मानव शरीर में समाहित कई तरह के ऑर्गंस व टिश्यू मृत्यू के बाद भी अन्य लोगों के काम आ सकते है। आर्गंस में फेफड़े, हार्ड, लीवर, पैंक्रीयाज, किड़नी और इंटेस्टाईन। वहीं टिश्यू में आंख, हार्ट वॉल्स, हड्डियां, स्कीन, लिंगामेंट, और टिंडास यह मानव शरीर के ऐसे अंग है, जो दूसरे मानव के लिए काम आ सकते है। इन्हीं अंगों को ध्यान में रखते हुए श्री नारमदेव ने देहदान करने का संकल्प लिया है।

Tags: dehdan, mahadan

Post your comment
Name
Email
Comment
 

खरगोन

विविध