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पोषण अभियान को जन आंदोलन बनाएं - मंत्री श्रीमती चिटनिस

पोषण अभियान को जन आंदोलन बनाएं - मंत्री श्रीमती चिटनिस

Post By : Dastak Admin on 30-Aug-2018 23:02:16

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सितम्बर माह को पोषण के प्रति जागरूकता माह के रूप में मनाया जायेगा, मंत्री श्रीमती चिटनिस ने बुरहानपुर से वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से किया संबोधित 
बुरहानपुर |  प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने गुरूवार को बुरहानपुर कलेक्ट्रेट के वीडियो कान्फ्रेंसिंग कक्ष से प्रदेश के सभी जिलों के महिला बाल विकास अधिकारियों को संबोधित किया तथा सितम्बर माह में पोषण जागरूकता के अनेक कार्यक्रम आयोजित करने तथा पोषण को जनआंदोलन बनाने के लिए अधिकतम प्रयास करने के लिए अधिकारियों को प्रेरित किया। इस दौरान भोपाल में प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास श्री जे.एन.कंसोटिया आयुक्त महिला एवं बाल विकास डॉ.अशोक भार्गव तथा बुरहानपुर कलेक्ट्रेट में कलेक्टर डॉ.सतेन्द्र सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री शीलेन्द्र सिंह व जनपद पंचायत के अध्यक्ष श्री किशोर पाटिल सहित महिला एवं बाल विकास विभाग, पीएचई, कृषि, उद्यानिकी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। 
    मंत्री श्रीमती चिटनिस ने वीडियो कान्फेंस में कहा कि सितम्बर माह में आने वाले प्रमुख त्यौहारों पर बांटे जाने वाले प्रसाद में शामिल सामग्री केला, खीरा, मूंगफली, राजगिरा व तुलसी का पोषण आहार के रूप में महत्व के बारे में नागरिकों को जानकारी दी जाए। मंत्री श्रीमती चिटनिस ने इस दौरान कहा कि सामान्यतः यह देखा जाता है कि घर परिवार में महिलाएं सबको खिलाती है तथा सबसे आखरी में बचाखुचा खुद खाती है इससे वे कुपोषित रह जाती है। इसके स्थान पर उन्होंने यह सलाह दी कि खाने की पहली थाली का भोग भगवान को लगाया जाए तथा बाद में वही थाली परिवार की महिला सदस्य खाए ताकि उसे पर्याप्त पोषण आहार मिल सकें। उन्होंने कहा कि आंवले का उपयोग केण्डी, चटनी, अचार, सुपारी के रूप में भी किया जाए तो यह विटामिन-सी को कमी को पूरा कर देगा। 
    मंत्री श्रीमती चिटनिस ने रेशे युक्त भोजन, सलाद तथा मोटे अनाज को भोजन में शामिल करने के लिए भी नागरिकों को प्रेरित करने की बात वीडियो कान्फ्रेंस में कही। उन्होंने कहा कि पोषण माह का समापन 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर होगा। इस दौरान आयोजित ग्राम सभाओं में भी पोषण के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया जाए। उन्होनें महिलाओं की सौंदर्य प्रतियोगिता की तरह स्वस्थ्य महिला प्रतियोगिता व स्वस्थ्य किशोरी प्रतियोगिता आयोजित करने की सलाह भी अधिकारियों को दी। मंत्री श्रीमती चिटनिस ने कहा कि ‘‘जो खायें वहीं उगायें, तथा जो उगाये वहीं खायें‘‘ इस थीम पर कार्य करने के लिए किसानों को प्रेरित करने के लिए अधिकारियों से कहा। 
    मंत्री श्रीमती चिटनिस ने वीडियो कान्फ्रेंस में कहा कि प्राचीनकाल में खाने में शठरस भोजन का महत्व था जिसमें खट्टा, मीठा, कड़वा, कसेला सहित कुल 6 रस शामिल होते थे। उन्होंने कहा कि भोजन में सभी पोष्टिक तत्व शामिल हो इसके लिए जरूरी है कि भोजन में भी तीनों रंग शामिल हो जिनमें हरे रंग की पत्ते वाली सब्जी, सफेद चावल और पीली केसरिया दाल आवश्यक रूप से शामिल हो। साथ ही भोजन में निम्बू, चटनी या सलाद जैसी बिना पकी सामग्री को जरूर शामिल किया जाये, क्योंकि गर्म करने पर विटामिन सी नष्ट हो जाता है और बिना विटामिन सी के आयरन शरीर में समाहित नहीं हो पाता। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती चिटनिस ने कहा कि पूर्व में तिल्ली व मूंगफली का तेल हमारे देश में प्रयुक्त होता था, जिसमें बहुत से पोष्टिक तत्व पाए जाते थे, धीरे धीरे तिल्ली के स्थान पर सोयाबीन का तेल प्रयुक्त होने लगा जिसमें सिर्फ प्रोटीन ही पाया जाता है। उन्होंने इस दौरान बताया कि सुरजने में अन्य पोष्टिक आहारों की तुलना में कई गुना अधिक केल्शियम, आयरन, फास्फोरस, विटामिन व अन्य खनिज लवण पाए जाते है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती चिटनिस ने कहा कि पोष्टिक आहार का गरीबी से कोई संबंध नहीं होता। उन्होंने सभी को आंवला, बेर, जैसे ऋतु फल खाने की सलाह दी जो कि सेवफल जैसे महंगे फलों की तुलना में अत्यन्त सस्ते होते है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती चिटनिस ने कहा कि बच्चे का दिमाग केवल 5 वर्ष की आयु तक ही बढ़ता, इस आयु तक बच्चों को दाल, तिल व मूंगफली युक्त प्रोटीनयुक्त पोषण आहार आवश्यक रूप से देना चाहिए। उन्होंने कहा कि गेंहू के साथ साथ ज्वार, बाजरा, कोदों, कुटकी, रागी के आटे की रोटियां भी घरों में बनायी जाना चाहिए। 

 

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