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श्योपुर जिले का संक्षिप्त परिचय (लेख)

श्योपुर जिले का संक्षिप्त परिचय (लेख)

Post By : Dastak Admin on 10-Aug-2018 22:39:43

sheopur

 

श्योपुर | श्योपुर जिला 25-15 से 25-45‘‘ उत्तरी अक्षांश एवं 76-22 से 77-22 पूर्वी देशांतर के मध्य स्थित है। जिसकी समुद्र तल से ऊँचाई 150 से 300 तक है। यह जिला 6660.81 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला होकर मध्यप्रदेश के शिवपुरी और मुरैना तथा राजस्थान के सवाई माधोपुर, बारां एवं कोटा जिले की सीमाओं से जुड़ा है।
   जिले की वार्षिक औसत वर्षा 822 मिलीमीटर होकर औसत तापमान 24.73 डिग्री सेल्सियस है। यह जिला वन क्षेत्र की दिशा में 3949.538 वर्ग किलोमीटर में फैला है। जिसका 59 प्रतिशत भाग वनों से आच्छादित है। जिले के वन क्षेत्र के अंतर्गत मिश्रित प्रजाति खैर, गुर्जन, सलई, करघई, केम आदि के वृक्ष शामिल है। इस जिले में चंबल, पार्वती, कूनो, क्वारी एवं सीप नदी प्रवाहित होती है। 
   ऐतिहासिक दृष्टि से श्योपुर जिले की पहचान 9-10 वी शताब्दी से प्रारंभ होकर खंगरायत गोपान्चल आख्यान से जानी जाती है। जिसके अनुसार राजा अजयपाल (लगभग 1194 से 1291) ने श्योपुर को अपनी राजधानी बनाया। इसके पश्चात जयंतपाल, बसंतपाल एवं विजयपाल ने यहां राज किया। इसी क्रम में राजा विजयपाल द्वितीय जो कि रणथंबोर के प्रसिद्ध महराजा हमीर देव के आधिपत्य में आया था। राजा हमीर देव को हराने के बाद श्योपुर पर श्री अलाउद्दीन खिलजी ने आधिपत्य जमाया। इसके उपरांत सन् 1489 में मालवा के सुल्तान महमूद खिलजी ने इसे जीत लिया।
    सन् 1564 में जब अकबर चित्तोड़ की ओर कूच कर रहे थे। उस समय श्योपुर किला सुरजन सिंह हाड़ा के आधिपत्य में था। जो उनके द्वारा एक संधि के तहत अकबर को दे दिया गया। उस समय यह अजमेर सूबे के अंतर्गत रणथंबोर स्टेट का एक परगना भी बन गया था। सन् 1584 में राजा इंद्र सिंह गौड़ ने अकबर के सामंत शासक के रूप में श्योपुर पर शासन किया बाद में सिंधिया शासन के दौरान दौलतराव सिंधिया ने श्योपुर को एक जागीर के रूप में अंग्रेज शासक को सौंप दिया। 
   इसके उपरांत सन् 1814 में राघवगढ़ के राजा जय सिंह खींची ने श्योपुर पर आक्रमण कर अपना कब्जा जमा लिया। उनसे सन् 1857 में बडौदा के राजा बलवंत सिंह ने श्योपुर के किले को जीत लिया। उसका कब्जा ज्यादा दिन तक नही रहा तथा पुनः सिंधिया ने जीतकर अपना आधिपत्य जमा लिया। इसके बाद स्वतंत्रता के बाद राज्यों के गठन तक यह सिंधिया राजवंश के अधीन रहा। बाद में मध्यप्रदेश का हिस्सा बना।
       वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार श्योपुर जिले की कुल जनसंख्या 687861 है। जिसमें 361784 पुरूष एवं 326077 महिलाएं शामिल है। वर्ष 1990-91 में जिले की जनसंख्या वृद्धि दर वर्ष 81-91 के दशक की 33.32 के मुकाबले 29.67 रही थी।यह वृद्धि दर वर्ष 2018 में औसतन जनसंख्या 8 लाख 59 हजार 826 हो गई।
    जिलें में अनुसूचित जाति की जनसंख्या 16.2 एवं जनजाति की जनसंख्या 21.5 प्रतिशत है। जिसमें महिला-पुरूष का अनुपात प्रति एक हजार पुरूष पर 880 महिलाएं है। जिले की कार्यशील जनसंख्या का प्रतिशत 41 है। जिसमें शहरी आबादी का प्रतिशत 15.80 एवं ग्रामीण आबादी का प्रतिशत 84.20 है।

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