खास खबरें हाईकोर्ट ने शासन पर लगाया 25 हजार का जुर्माना पीएम और गृह मंत्री ले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु के दस्‍तावेजों पर फैसला - केंद्रीय सूचना आयोग डोनाल्‍ड ट्रंप बोले, जल्द होगी किम के साथ दूसरी बैठक एशिया कप 2018 : आज आमने-सामने होगी भारत-अफगानिस्‍तान की टीमें पीएम मोदी पर अक्रामक हुए राहुल गांधी बोले, पीएम मोदी है 'कमांडर इन थीफ' 'कॉफी विद करण' में भाई अर्जुन के साथ आएंगी जाहन्‍वी सेंसेक्स 110 अंक , निफ्टी 11100 के नीचे भोपाल-इन्दौर मेट्रो रेल परियोजना के लिये 405 पद के सृजन की मंजूरी बीएसयू में हुआ हंगामा, बूथ में लगाई आग, डॉक्‍टर-मरीज के परिजनों में हुई हाथापाई आज से शुरू होगा, पितृों का पूजन-तर्पण, पूर्णिमा का होगा पहला श्राद्ध

बाल श्रम अधिनियम के अंतर्गत जिला स्तरीय टास्कफोर्स समिति की बैठक आयोजित

बाल श्रम अधिनियम के अंतर्गत जिला स्तरीय टास्कफोर्स समिति की बैठक आयोजित

Post By : Dastak Admin on 08-Sep-2018 17:04:05

बाल श्रम अधिनियम

हरदा | कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री एस. विश्वनाथन की अध्यक्षता में बाल श्रम अधिनियम के अंतर्गत जिला स्तरीय टास्कफोर्स समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्देशित किया गया कि शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा श्रम विभाग बाल श्रम उन्मूलन कार्य में संलग्न एवं प्रतिबद्ध संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु अशासकीय संगठनों, समाजसेवी संस्थाओं एवं व्यक्तियों को चिन्हित कर बाल श्रमिकों के संबंध में घटनाक्रमों की जानकारी उन्हें देकर सहयोग लें। उन्होने जिला शिक्षा अधिकारी से आउट ऑफ स्कूल बच्चों की जानकारी ली। उन्होने कहा कि हम ऐसे बच्चों को आइडेन्टीफाइड करके उनकी देखभाल कर सकते है। श्री विश्वनाथन ने कहा कि कम उम्र में पैसा मिलने से ये बच्चे पढ़ाई छोड़ देते है और बाद में श्रमिक बन जाते है। शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत सभी बच्चों को शासकीय विद्यालयों अथवा निकायों द्वारा संचालित विद्यालयों में प्रवेश दिलाये जाने संबंधी कार्यवाही की जावे। श्री विश्वनाथन ने शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास तथा श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल श्रम अधिनियम के अन्तर्गत सभी कारखानों तथा उपजीविकाओं एवं प्रक्रियाओं में बाल श्रमिकों का नियोजन प्रतिबंधित है। इन नियोजनों में यदि बाल श्रमिक नियोजित पाया जाता है, तो नियोजकों के विरूद्ध निरीक्षण/अभियोजन दायर कर प्रावधानित कठोर दण्ड दिलाये जावे। उन्होने शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं श्रम विभाग को निर्देशित किया कि जो बच्चे कूड़ा-कचरा बीनने एवं कबाड़ी दुकानों के अन्तर्गत कार्य में लिप्त हैं, उन बच्चों के संबंध में संयुक्त रूप से 01 माह के भीतर साप्ताहिक अभियान चलाया जाकर निरीक्षण किये जावें, एवं बाल श्रमिक पाये जाने पर उन्हें मुक्त कराया जाकर उनके पुनर्वास की कार्यवाही की जावे। बैठक में सदस्यों द्वारा अवगत कराया गया कि हरदा में पटाखा फैक्ट्री में कुछ लोग घर पर पटाखे बनाने का कार्य करते है। श्री विश्वनाथन ने निर्देशित किया कि जो हानिकारक पदार्थ आ रहा है, उसका रिकार्ड तो रखना पड़ेगा। केमीकल की एन्ट्री से लेकर एक्जीट तक क्या-क्या हो रहा है, कहाँ तक जा रहा है। टास्क फोर्स नेक्स्ट मिटिंग में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होने जिले के अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में पटाखे बनाने वाले नियोजकों को इनपुट एवं आऊटपुट का रिकॉर्ड रखे जाने हेतु निर्देशित किया जावे। श्री विश्वनाथन ने निर्देशित किया कि समस्त विभागों में गठित बाल श्रमिक समिति की मिश्रित बैठक का आयोजन किया जावे, जिसमें जिला समन्वयक, सर्व शिक्षा अभियान को भी आहुत किया जावे। समिति द्वारा चर्चा की गई है कि जिले में बाल श्रमिक नियोजित पाये जाने पर उन्हें चिन्हित कर समिति को अवगत करावेंगे एवं उनकी विमुक्ति, पुनर्वास एवं ग्रह भेजने, शिक्षा आदि के संबंध में संबंधित विभागों द्वारा अपेक्षित कार्यवाही करते हुए दोषी नियोजकों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जावे। बैठक में अपर कलेक्टर श्री बी.एल. कोचले, जिला शिक्षा अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, उपसंचालक एकीकृत बाल विकास, जिला विधिक सहायता अधिकारी, श्रम निरीक्षक, श्रम पदाधिकारी, जिला विधिक सहायता अधिकारी जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग, श्री वेदप्रकाश विश्नोई, श्री विष्णु जायसवाल, श्री ललित मालवीय एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Tags: बाल श्रम अधिनियम

Post your comment
Name
Email
Comment
 

हरदा

विविध