खास खबरें ग्रुप डिस्कशन और सेमिनार से बता रहे भोजन में सब्जियां लें, जंकफूड न खाए 2025 तक इंसानों से ज्यादा काम करेंगी मशीनें : वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम माता-पिता की इस लत के खिलाफ बच्‍चों ने सड़कों पर किया विरोध प्रदर्शन क्रिकेट टीम कप्तान विराट कोहली और वेटलिफ्टर मीराबाई चानू को राजीव गांधी खेल रत्न देने की सिफारिश अजय माकन ने दिया दिल्‍ली कांग्रेस के अध्‍यक्ष पद से इस्‍तीफा कैंसर के मुश्किल जंग जीतने के बाद 46 की उम्र में लीजा बनी जुड़वा बेटियों की मॉं सेंसेक्स 37650 के करीब, निफ्टी 11400 के ऊपर कर्तव्यों का निर्वहन सिखाते हैं विश्वविद्यालय : राज्यपाल श्रीमती पटेल रेवाड़ी गैंगरेप : मुख्‍य आरोपी निशु पहले भी कर चुका है ऐसी वारदात चौथे दिन उत्तम शौच धर्म की पूजा के साथ, अपनी वाणी को अपने मन को अपने कर्मों को उत्तम बनाना ही शौच धर्म है

अशासकीय स्कूलों में फीस निर्धारण के लिए हुई परिचर्चा

अशासकीय स्कूलों में फीस निर्धारण के लिए हुई परिचर्चा

Post By : Dastak Admin on 10-Sep-2018 10:36:34

मध्यप्रदेश बाल संरक्षण आयोग

 

बाल संरक्षण अधिकार आयोग ने विशेषज्ञों से माँगे सुझाव 

मध्यप्रदेश बाल संरक्षण आयोग ने आज भोपाल के सुभाष हायर सेकेण्डरी स्कूल में अशासकीय स्कूलों में फीस निर्धारण पर परिचर्चा का आयोजन किया। परिचर्चा में राष्ट्रीय बाल आयोग के सदस्य श्री प्रियंक कानूनगो, मध्यप्रदेश बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष श्री राघवेन्द्र शर्मा और विभिन्न अशासकीय स्कूलों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

बैठक में राष्ट्रीय बाल आयोग के सदस्य श्री प्रियंक कानूनगो ने फीस निर्धारण के आदर्श प्रारूप की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश में लगभग 35 हजार निजी स्कूल चल रहे हैं, जिनमें से सीबीएसई पाठ्यक्रम के लगभग 19 हजार और आईसीएससी पाठ्यक्रम के लगभग तीन हजार स्कूल हैं। फीस निर्धारण संबंधी विसंगतियाँ इन्हीं पाठ्यक्रमों से संबंधित स्कूलों में पाई गई हैं। इस संबंध में पालकों ने शासन को शिकायतें की थीं, जिन्हें हल करने के लिए आयोग ने ये परिचर्चा आयोजित की। उन्होंने कहा कि देश के हरियाणा और दिल्ली राज्यों की तुलना में मध्यप्रदेश में फीस को लेकर शिकायतें कम हैं।

परिचर्चा में आयोग के सदस्य बृजेश चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी श्री धीरेन्द्र चतुर्वेदी, डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, बिलाबोंग इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य श्री आशीष अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में विषय विशेषज्ञ उपस्थित थे।

 

करूणा राजुरकर

Tags: मध्यप्रदेश बाल संरक्षण आयोग

Post your comment
Name
Email
Comment
 

मध्य प्रदेश

विविध