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भूमिस्वामी स्वयं भू-राजस्व का निर्धारण कर जमा करेगा : कलेक्टर

भूमिस्वामी स्वयं भू-राजस्व का निर्धारण कर जमा करेगा : कलेक्टर

Post By : Dastak Admin on 01-Aug-2018 22:14:18

land diversion

नयी संशोधित म.प्र. भू-राजस्व संहिता आज से लागू हुई 

टीकमगढ़ | कलेक्टर श्री अभिजीत अग्रवाल ने बताया है कि शासन के निर्देशानुसार अब धारा 104 के तहत पटवारी हल्कों का निर्माण और धारा 105 के तहत राजस्व निरीक्षक मंडल के निर्माण का अधिकार कलेक्टर से वापस लेकर आयुक्त भू अभिलेख को दिया गया है। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार नामांतरण पंजी ब्यवस्था अब समाप्त होगी, सारे प्रकरण तहसीलदार न्यायालय में जमा होंगे। उन्होंने बताया कि जब तक आदेश की कॉपी और अभिलेख सुधार की कॉपी आवेदक को नहीं मिलती प्रकरण समाप्त नहीं होगा।
      श्री अग्रवाल ने बताया कि रजिस्ट्री रजिस्टार से सीधे तहसीलदार को भेजी जाएगी भूमि स्वामी किसी को नहीं देगा। उन्होंने बताया कि जिले मे पटवारी की पोस्टिंग अनुविभागीय अधिकारी से न होकर कलेक्टर द्वारा की जाएगी।
भू राजस्व का भूमिस्वामी स्वयं निर्धारण जमा करेगा
      श्री अग्रवाल ने बताया कि धारा 59 के तहत भू राजस्व का भूमिस्वामी स्वयं निर्धारण जमा करेगा। धारा 172 शून्य कर दी गई है। उन्होंने बताया कि धारा 172 शून्य हो जाने से डायवर्सन के प्रचलित सारे प्रकरण समाप्त हो जायेंगे, इस हेतु नियम बनाया गया है। साथ ही आवेदक तहसीलदार की कार्यवाही से ब्यथित होकर अनुविभागीय अधिकारी को सुनवाई (अपील) का आवेदन 45 दिन के भीतर देगा। उन्होंने बताया कि सीमांकन में सुनवाई तहसीलदार करेंगे और ’सीमांकन केवल राजस्व निरीक्षक द्वारा किया जाएगा’।
      श्री अग्रवाल ने बतााय कि ऑनलाइन रजिस्ट्री सब-रजिस्टार तहसीलदार को सीधे भेजेंगे, आवेदक नहीं लाएगा। उसके बाद ईश्तहार और क्रेता बिक्रेता आहूत होंगे। उन्होंने बताया कि पूरी कर्यवाही 30 दिन में होगी, 60 दिन के भीतर आदेश की कॉपी और अभिलेख सुधार का खसरा, किस्तबंदी (बी 1) प्रदाय करने बाद ही प्रकरण समाप्त किया जाएगा और दाखिल दफ्तर होगा। उन्होंने बताया कि सीमांकन की अपील और रिविजन की ब्यवस्था नहीं होगी। रेवेन्यू बोर्ड से सारे प्रकरण वापस अनुविभागीय अधिकारी को आयेंगे।

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