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जैविक खेती पर प्रशिक्षण देने के लिये छिन्दवाडा से 8 महिला सी.आर.पी. पुनः चयनित

जैविक खेती पर प्रशिक्षण देने के लिये छिन्दवाडा से 8 महिला सी.आर.पी. पुनः चयनित

Post By : Dastak Admin on 06-Sep-2018 20:55:04

organic farming training

 

छिन्दवाड़ा | उत्तरप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा अपने राज्य में खेती अपनाये जाने के संबंध में किसानों को प्रशिक्षण देने के लिये जिले की 8 सर्वश्रेष्ठ कृषि सी.आर.पी. को पुन: आमंत्रित किया गया है। उत्तरप्रदेश राज्य के आमंत्रण पर व्दितीय चरण में आयोजित जैविक खेती पर 15 दिवसीय जैविक खेती कार्य सह प्रशिक्षण के लिये महिला कृषि सी.आर.पी. जिले के ग्राम हथलेवा की श्रीमती सरोज पवार, पालामउ की श्रीमती सरवंती कवरेती, पालाखेड की श्रीमती अनुराधा गाडरे, तिवडाकामथ की श्रीमती ममता मर्सकोले, घाटकामठा की श्रीमती अनिता उईके, घोघरी साहनी की श्रीमती लंका शेण्डे, कामठीकला की श्रीमती सुधा बिरखरे, बोथिया की श्रीमती कंचलता शेण्डे को रवाना कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि गत जून 2018 में जिले की इन 8 सर्वश्रेष्ठ महिला कृषि सी.आर.पी. द्वारा उत्तरप्रदेश राज्य के ललितपुर जिले में किसानों को उनके ग्रामों में ही रहकर जैविक खेती अपनाये जाने के संबंध में 15 दिवस का जैविक खेती कार्य सह प्रशिक्षण दिया गया था  जिसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुये उत्तरप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा अपने राज्य में जैविक खेती अपनाये जाने के लिये म.प्र. राज्य से कृषि सी.आर.पी. की लगातार मांग की जा रही है तथा छिन्दवाड़ा जिले के अलावा मध्यप्रदेश के अन्य जिलों से 200 से अधिक कृषि सी.आर.पी. को उत्तरप्रदेश राज्य में इस कार्य के लिये बुलाया गया है।  
      म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक श्री हेमेन्द्र भकने ने बताया कि खेती से अधिक फसल उत्पादन प्राप्त करने के लिये रासायनिक उर्वरकों तथा कीटनाशकों के दिन-प्रतिदिन बढते उपयोग को कम करने तथा बडे बाजारों में जैविक खाद्यान्न की बढती मांग के दृष्टिगत म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा जिले के सभी विकासखण्डों में जैविक खेती अपनाने की अभिनव शुरूआत की गई है। इस तारतम्य में जिले में किसानो को जैविक खेती अपनाये जाने के लिये प्रेरित किया जा रहा है जिसके लिये ग्राम स्तर पर 60 महिला कृषि सी.आर.पी. को चिन्हित कर प्रशिक्षित किया गया है। सभी प्रशिक्षित महिला कृषि सी.आर.पी. अपने ही ग्रामों के कृषकों को जैविक खेती अपनाये जाने के लिये प्रेरित कर रही है जिससे अब कृषक उनके खेतों में जैविक खाद, जैविक बीजोपचार और कीटनाशकों के उपयोग करने के तरीकों को अपना रहे हैं। ये प्रशिक्षित महिला कृषि सी.आर.पी. अब ग्राम की सरहदों से बाहर जाकर अन्य राज्यों में भी किसानों को जैविक खेती अपनाये जाने के लिये प्रेरित कर रही हैं।   

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