खास खबरें बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से 24-25 को बारिश के आसार जेट की फ्लाइट में कैबिन प्रेशर कम हुआ, यात्रियों के नाक-कान में आने लगा खून खाने से डर रहे है लोग, फलों में निकली रही है सुईयॉं एशिया कप : भारत ने पाकिस्‍तान को मात, 8 विकेट से रौंदा भोपाल में भाजपा कार्यकर्ता के महाकुंभ में आएंगे पीएम मोदी बेटी पूजा-आलिया के साथ महेश भट्ट फिर से बनाएंगे फिल्‍म 'सड़क' अब नौकरी जाने पर सरकार देगी पैसा, सीधे आऐगा आपके बैंक खाते में धान के समर्थन मूल्य पर इस वर्ष भी दिया जायेगा बोनस : मुख्यमंत्री श्री चौहान यूपी में दिमागी बुखार ने ली अब 71 जानें क्‍यों मनाया जाता है मोहर्रम, रमजान के बाद दूसरा सबसे पाक महीना

अखाड़ों के स्नान का क्रम

Post By : Dastak Admin on 01-Oct-2015 15:53:52

अखाड़ों के स्नान का क्रम


    अखाड़ों का क्रम निम्नानुसार रहेगा:-

1.    शैव अखाड़े 

  3.    वैष्णव अखाड़े 

2.    उदासीन अखाड़े    4.    निर्मल अखाड़ा

 1.    शैव अखाड़ेः–
स्नान का क्रमः-  तीनोंस्नानों में शैव अखाड़ों में सबसे आगे पीरजी इसके बाद जूना अखाड़ा (साथ में अ ग्नि एवं आह्वान), महानिर्वाणी अखाड़ा (साथ में अटल अखाड़ा) एवं निरंजनी अखाड़ा (साथ में आनंद अखाड़ा) रहेंगे ।
स्नान का मार्गः-  जूना अखाड़ा शंकराचार्य चौक वाले रास्ते में जुलूस बनाकर खड़े होंगे और शंकराचार्य चौक होते हुए बड़नगर रोड़ से छोटी रपट पर आवेंगे । अन्य शैव अखाड़े बड़नगर रोड़ पर खड़े होंगे व बड़नगर रोड़ से छोटी रपट पर आवेंगे । यहाँ आने के बाद महानिर्वाणी एवं निरंजनी अखाड़े के साधुओंमें से कुछ स्नान के पूर्व व स्नान के बाद केदारेश्वर घाट पर बने श्री केदारनाथ प्रभु के दर्शन करते हैंजबकि जूना अखाड़े के साधु स्नान के बाद केदारनाथ घाट पर आकर केदारेश्वर प्रभु के दर्शन करते हैं ।
    स्नान के बाद वापसी में जूना अखाड़ा दत्त अखाड़ा वाली रेम्प चढ़कर अपने अखाड़े में पहुँचता है जबकि इसके साथ स्नान करने वाले अन्य अखाड़े अ ग्नि, आह्वान, महानिर्वाणी, निरंजनी एवं आनंद अखाड़े वापसी में छोटी रपट होकर बड़नगर रोड़ से शंकराचार्य चौराहा होकर अपने-अपने कैम्प में वापस पहुँचेंगे ।

2.    वैष्णव अखाड़ेः–
स्नान हेतु जाने का क्रमः–  इस संप्रदाय के अखाड़े निम्न क्रमानुसार स्नान हेतु जाते हैं एवं इनकी वापसी का क्रम निम्नानुसार रहता हैः-

    प्रथम स्नान
    

क्र.    स्नान हेतु अखाड़े जाने का क्रम      स्नान के बाद अखाड़े की वापसी क्रम
1  निर्वाणी निर्वाणी
2   दिगंबर     दिगंबर
3  निर्मोही    निर्मोही  


  द्वितीय स्नान
  

 क्र.     स्नान हेतु अखाड़े जाने का क्रम     स्नान के बाद अखाड़े की वापसी क्रम
   निर्मोही   निर्वाणी    
    दिगंबर    दिगंबर  
    निर्वाणी      निर्मोही

    तृतीय स्नान
  

 क्र. स्नान हेतु अखाड़े जाने का क्रम         स्नान के बाद अखाड़े की वापसी क्रम
  निर्मोही     निर्मोही
  दिगंबर   दिगंबर
   निर्वाणी   निर्वाणी 

स्नान का मार्गः–  खाक चौक से अंकपात, पटेल नगर, निकास चौराहा, कंठाल, सतीगेट, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी चौराहा, कहारवाड़ी (महाकाल शाही सवारी मार्ग) रामानुज कोट से रामघाट ।
स्नान के बाद वापसी मार्गः– दानी गेट, ढाबा रोड़, बिलोटीपुरा, जूना सोमवारिया, वाल्मीकि धाम से अंकपात होकर अपने-अपने कैम्प में जावेंगे ।
स्नान के बाद वापसी का क्रमः–  प्रथम एंव द्वितीय स्नान के बाद वैष्णव अखाड़े जिस क्रम में स्नान हेतु आते हैं उसी क्रम में वापस जाते हैं, जबकि अंतिम शाही स्नान के बाद वापसी क्रम मेंउलटा हो जाता है, अर्थात निर्वाणी, दिगम्बर एवं निर्मोही चलते हैं ।
वैष्णव अखाड़े खाक चौक से अंकपात, पटेल नगर, निकास चौराहा, कंठाल चौराहा, सतीगेट, छत्रीचौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी चौराहा, कहारवाड़ी (महाकाल शाही सवारी मार्ग) रामानुजकोट से रामघाट वाहनों सहित पहुँचते हैं । साधु-संतों के वाहन रामानुजकोट से योगमाया माता मंदिर मार्ग पर दानी गेट तरफ मुँह करके खड़े रहेंगे, साधु-संत स्नान के बाद वाहनों में बैठकर बिलोटीपुरा, जूना सोमवारिया, पीपलीनाका, अंकपात होकर अपने-अपने कैम्प में जावेंगे ।

3. उदासीन अखाड़ेः– समस्तस्नान के दौरान बड़ा उदासीन आगे चलता है उसके पीछे नया उदासीन अखाड़ा चलता है ।
स्नान का मार्गः– बड़ा उदासीन अखाड़ा राजपूत धर्मशाला, दानीगेट, मोड़ धर्मशाला, योगमाया माता मंदिर मार्ग से होकर रामानुज कोट से रामघाट पहुँचेगा जबकि नया उदासीन अखाड़ा बड़नगर रोड़ से होकर छोटी रपट से गंधर्व घाट से रामघाट पहुँचता है, दोनों अखाड़े एक साथ स्नान करते हैं ।
स्नान के बाद वापसीः– जिन मार्गा से अखाड़े स्नान हेतु घाट पर आये थे, उन्हीं मार्गा से वापसी का रास्ता रहता है ।

4. निर्मल अखाड़ाः– स्नान का मार्ग ः यह अखाड़ा बड़नगर रोड़ से होकर छोटी रपट से गंधर्व घाट से रामानुज कोट होकर रामघाट पहुँचेगा ।
स्नान के बाद वापसीः– छोटी रपट से बड़नगर मार्ग पर अपने कैंप के लिए वापस होंगे ।

शाही स्नान के दिन जुलूस समय सारणी
    अपै्रल-मई माह में संपन्न होने वाले सिंहस्थ महापर्व के दौरान साधु-संतों के 04 शाही स्नान क्रमशः दिनांक 22 अपै्रल 2016 शुक्रवार, 06 मई 2016 शुक्रवार, 09 मई 2016 सोमवार एवं 21 मई 2016 शनिवार को होंगे । शैव अखाड़े, वैष्णव अखाड़े, उदासीन अखाड़े एवं निर्मल अखाड़े के लिए जो समय स्नान हेतु निर्धारित किया गया है वह इस प्रकार रहेगा -

क्र .अखाड़े का नाम   फॉर्मेशन का समय   रवाना होने का समय     घाट पर पहुँचने  का समय   स्नान के बाद वापसी का समय   कैंप पहुँचनेका समय
1 जूना  05.00 05.30 06.00 06.30 06.45
2 महानिर्वाणी  05.30 06.00 06.30 07.00 07.15
3 निरंजनी   06.00 06.30 07.00 07.30 07.45
4 निर्मोही   05.30 06.00 08.00 08.30 09.30
5 दिगंबर   06.00 06.30 08.30 09.00 10.00
6 निर्वाणी   06.30 07.00 09.00 09.30 10.30
7 उदासीन अखाड़े 09.30 10.00 10.30 11.30 11.45
8 निर्मल 10.30 11.00 11.30 12.00 12.15

             
  
                                                                                                                                                                                                                                                          

अपनी जानकारी दे

नाम
ई-मेल
मोबाइल
फोटो

आपके समाचार

शब्द प्रारूप और पाठ प्रारूप में समाचार फ़ाइल

Subscribe Newsletter




आपका वोट

अपना राशिफल देखें

मेष वृषभ मिथुन कर्क सिंह कन्या तुला वृश्चिक धनु मकर कुंभ मीन
मेष

दैनिक कार्यक्रम सरलता से संपन्‍न होंगे। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। दुर्घटना के प्रति सचेत रहने की आवश्‍यकता है। परिवार में सुखशांति का वातावरण रहेगा। व्‍यापार में साझेदारी से लाभ होगा। निवेश्‍ा न करें।

महाकाल आरती समय

dastak news ujjain

  महाकाल आरती समय

आरती

चैत्र से आश्विन तक

कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से फाल्गुन पूर्णिमा तक

भस्मार्ती

प्रात: 4 बजे श्रावण मास में प्रात: 3 बजे

प्रातः 4 से 6 बजे तक।

दध्योदन

प्रात: 7 से 7:45 तक

प्रात: 7:30 से 8:15 तक

महाभोग

प्रात: 10 से 10:45 तक

प्रात: 10:30 से 11:15 तक

सांध्य

संध्या 5 से 5:45 तक

संध्या 5 से 5:45 बजे तक

सांध्य

संध्या 7 से 7:45 तक

संध्या 6:30 से 7:15 तक

शयन

रात्रि 10:30 बजे

रात्रि 10:30 से 11 बजे तक

आज का विचार

    मनुष्य को हमेशा मौका नही ढूंढना चाहिये, क्योंकि जो आज है वही सबसे अच्छा मौका है। - अज्ञात

विविध