खास खबरें खाटू श्याम जन्मोत्सव आज अमृतसर ब्‍लॉस्‍ट मामले में राजनाथ सिंह ने दिऐ सख्‍त जांच के निर्देश, एनआईए की टीम पहुंची अमृतसर क्‍यों जमाल खशोगी के हत्‍या के टेप को सुनने से ट्रम्‍प को कर दिया गया मना ? विश्व महिला मुक्केबाजी के क्‍वार्टर फाइनल में पहुँची मैरीकॉम सीएम खट्टर ने दिया विवादित बयान, बोले-रिश्‍ते खराब होने पर ज्‍यादातर होते है रेप के मामले दर्ज, कांग्रेस ने कहा-माफी मांगों अयोध्‍या में कारसेवकों के साथ हुये गोलीकाण्‍ड पर बनी 'राम जन्मभूमि' का ट्रेलर रिलीज RBI बोर्ड की अहम बैठक शुरू, किन अहम मुद्दों पर होगा विचार .... राज्यपाल के जन्म दिन पर न्यू मार्केट व्यापारी संघ पुस्तकें भेंट करेगा लालू प्रसाद यादव की तबीयत हुई खराब, पैर में हआ फोड़ा, बिगड़ी हालत देवोत्‍थान एकादशी के दिन कभी न करें ये काम..

स्नान हेतु घाटों की जानकारी

Post By : Dastak Admin on 01-Oct-2015 16:25:29

स्नान हेतु घाटों की जानकारी
राम घाट
    शिप्रा नदी के किनारे स्नान के लिए कई घाट निर्मित हैं । श्रीराम घाट को राम घाट के नाम से भी जाना जाता है । यह सबसे प्राचीन स्नान घाट है, जिस पर कुम्भ मेले के दौरान श्रद्धालु स्नान करना अधिक  पसन्द करते हैं । यह हरसिद्धि मंदिर के समीप स्थित है ।

त्रिवेणी घाट
    शिप्रा तट पर स्थित त्रिवेणी घाट का नवग्रह मंदिर तीर्थयात्रियों के लिए आकर्षण का एक  प्रमुख केन्द्र है । त्रिवेणी घाट पर ही शिप्राक्षाता (खान नदी) का संगम है । इन्दौर के लोग खान नदी को विभिन्न नामों से जानते हैं । शिप्रा नदी के जल  को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से खान नदी के दूषित जल  को इसमें मिल  ने नहीं दिया जाता है ।

मंगलनाथ घाट
    यह घाट प्रसिद्ध मंगलनाथ मंदिर के पुल के पास शिप्रा नदी के दायें एवं बायें किनारे पर स्थित है । सिंहस्थ महाकुम्भ पर्व एवं धार्मिक  पवित्र नहान पर आने वाले श्रद्धालुओं के स्नान हेतु जल संसाधन विभाग द्वारा घाट का निर्माण किया गया है ।

सिद्धवट घाट
    यह घाट प्रसिद्ध सिद्धवट मंदिर के पास शिप्रा नदी के बायें किनारे पर स्थित है । सिंहस्थ महाकुम्भ पर्व व धार्मिक  पवित्र नहान पर आने वाले श्र द्धालुओं के स्नान हेतु जल संसाधन विभाग द्वारा घाट का निर्माण किया गया है । इस घाट पर पहुँचने के लिए सिद्धवट मंदिर के पास से ही रास्ता जाता है ।

कबीर घाट
    यह घाट उज्जैन बड़नगर मार्ग पर बड़ी रपट के दायीं तरफ शिप्रा नदी के बाँये किनारे पर स्थित है । सिंहस्थ महाकुंभ पर्व व धार्मिक  पवित्र स्नान पर आने वाले श्रद्धालुओं के स्नान हेतु घाट का निर्माण जल संसाधन विभाग द्वारा किया गया है । इस घाट पर पहुँचने के लिए उज्जैन बड़नगर मार्ग पर रपट के बायीं ओर से रास्ता है ।

ऋणमुक्तेश्वर घाट
ऋणमुक्तेश्वर मंदिर के पास ही ये घाट बना हुआ है । इस घाट पर शिवजी के मुख्यगण वीरभद्र की प्राचीन मूर्ति भी है और पुराना वटवृक्ष जिसके नीचे ऋणमुक्तेश्वर महादेव स्थित है ।

भूखीमाता घाट
    यह घाट प्रसिद्ध भूखीमाता मंदिर के पास शिप्रा नदी के बाँये किनारे पर स्थित है । सिंहस्थ महाकुम्भ पर्व एवं धार्मिक स्नान के लिए आने वाले श्र द्धालुओं के स्नान हेतु जल संसाधन विभाग द्वारा घाट का निर्माण किया गया है । इस घाट पर पहुँचने के लिए उज्जैन चिंतामण मार्ग के बडे पुल के पास से बायीं तरफ रास्ता जाता है । घाट की लम्बाई 700 मीटर है।

दत्त अखाड़ा घाट
    यह घाट उज्जैन बड़नगर मार्ग पर छोटी रपट के बायीं तरफ शिप्रा नदी के बाँये किनारे पर स्थित है । सिंहस्थ महाकुंभ पर्व एवं धार्मिक  पवित्र नहान पर आने वाले श्रद्धालुओं के स्नान हेतु घाट का निर्माण किया गया है । इस घाट पर पहुँचने के लिए उज्जैन बड़नगर मार्ग पर छोटी रपट के बायीं ओर से रास्ता जाता है ।

चिन्तामण घाट
    यह घाट उज्जैन चिन्तामण मार्ग पर स्थित सड़क  के बडे पुल   के पास रेलवे के लाल पुल   के नीचे शिप्रा नदी के बाँये किनारे पर स्थित है । सिंहस्थ महाकुम्भ पर्व एवं धार्मिक  पवित्र नहान पर आने वाले श्रद्धालुओं के स्नान हेतु घाट का निर्माण किया गया है । घाट पर पहुँचने हेतु उज्जैन चिन्तामण मार्ग पर बड़े पुल के पास से दायीं तरफ से सीमेण्ट कांक्रीट रास्ता जाता है । घाट की लम्बाई 50 मीटर है ।

प्रशांतिधाम घाट
    यह घाट प्रशान्तिधाम मंदिर के प्रांगण में शिप्रा  नदी के दायें तट पर स्थित है । यह घाट उज्जैन इन्दौर मार्ग से लगभग 1.5 किलोमीटर दूर दायीं तरफ मंदिर के पास स्थित है । सिंहस्थ महाकुम्भ 2016 में श्र द्धालुओं के स्नान हेतु एवं पवित्र स्नान हेतु घाट को निर्मित किया गया है।

सुनहरी घाट
    यह घाट उज्जैन बड़नगर मार्ग पर छोटी रपट के दाँयीं तरफ शिप्रा नदी के दाँये किनारे पर स्थित है । सिंहस्थ महाकुम्भ पर्व एवं धार्मिक  पवित्र नहान पर आने वाले c के स्नान हेतु घाट का निर्माण जल संसाधन विभाग द्वारा किया गया है । इस घाट पर पहुँचने के लिए उज्जैन बड़नगर मार्ग पर छोटी रपट के दांयी ओर से रास्ता जाता है ।

नृसिंह घाट
    यह घाट प्रसिद्ध भूखीमाता मंदिर के सामने प्रसिद्ध कर्कराज मंदिर के दायीं तरफ शिप्रा नदी पर स्थित है । कर्कराज मंदिर की यह विशेषता है कि  यह मंदिर उज्जैन से निकलने वाली कर्क रेखा पर स्थित है । सिंहस्थ महाकुम्भ पर्व एवं धार्मिक  पवित्र नहान पर आने वाले श्रद्धालुओं के स्नान हेतु घाट का निर्माण किया गया है । इस घाट पर पहुँचने के लिए उज्जैन चिंतामण मार्ग पर बडे पुल के दायीं तरफ से रास्ता जाता है, जिसकी लम्बाई 500 मीटर है ।

 

अपनी जानकारी दे

नाम
ई-मेल
मोबाइल
फोटो

आपके समाचार

शब्द प्रारूप और पाठ प्रारूप में समाचार फ़ाइल

Subscribe Newsletter




आपका वोट

अपना राशिफल देखें

मेष वृषभ मिथुन कर्क सिंह कन्या तुला वृश्चिक धनु मकर कुंभ मीन
मेष

धन संबंधी मामलों में बुद्धि व विवेक से फैसले लें। कल्‍याणकारी कार्यों में भाग लेंगे। संतान से खुशियां मिलेंगी। युवा वर्ग को करियर के महत्‍वपूर्ण फैसले लेने पड़ सकते हैं। परिवार का पूर्ण सहयोग मिलेगा।

महाकाल आरती समय

dastak news ujjain

  महाकाल आरती समय

आरती

चैत्र से आश्विन तक

कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से फाल्गुन पूर्णिमा तक

भस्मार्ती

प्रात: 4 बजे श्रावण मास में प्रात: 3 बजे

प्रातः 4 से 6 बजे तक।

दध्योदन

प्रात: 7 से 7:45 तक

प्रात: 7:30 से 8:15 तक

महाभोग

प्रात: 10 से 10:45 तक

प्रात: 10:30 से 11:15 तक

सांध्य

संध्या 5 से 5:45 तक

संध्या 5 से 5:45 बजे तक

सांध्य

संध्या 7 से 7:45 तक

संध्या 6:30 से 7:15 तक

शयन

रात्रि 10:30 बजे

रात्रि 10:30 से 11 बजे तक

आज का विचार

    वही व्‍यक्ति समर्थ है जो यह मानता है कि वह समर्थ है। महात्‍मा बुद्ध -

विविध