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श्रद्धालुओंके लिए की गई व्यापक व्यवस्थाएँ

Post By : Dastak Admin on 15-Oct-2015 16:09:25

सिंहस्थ.2016 के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के निर्देश पर खजाने के द्वार खोल दिये हैं । गत सिंहस्थ.2004 में यहाँ मात्र 262 करोड़ रुपये का व्यय सिंहस्थ पर किया गया था और गिने.चुन स्थायी प्रकृति के काम हुए थे । वहीं इस बार अनेक काम ऐसे हो रहे हैंए जो नगर की दिशा और दशा बदल देंगे । कस्बानुमा उज्जैन शहर अब महानगर की तर्ज पर विकसित हो रहा हैए जो लोग लम्बे समय बाद उज्जैन को देखेंगे वे इसके परिवर्तित रूप से चकित हो जायेंगे ।

378 करोड़ की सड़के मेट्रो सिटी का अहसास करवायेंगी
    इस बार सिंहस्थ में केवल सड़कों पर निर्माण के लिए 378 करोड़ का व्यय किया जा रहा है । लगभग सौ नई सड़के तैयार हो रही हैंए चार फोरलेन पूर्ण हो चुके हैं। गत सिंहस्थ में लोक निर्माण विभाग का कुल बजट मात्र 51 करोड़ रुपये था । इस बार प्रमुख रूप से इंजीनियरिंग कॉलेज रोड़ए एमआर.10ए एमआर.5 को फोरलेन में तब्दील किया जा चुका है । इस पर सेंट लाईटिंग भी लग गई है । यह मार्ग इनर रिंग रोड़ से जुड़ जायेंगे और सारा   ट्रैफिक बाहर के बाहर बायपास हो जायेगा ।

177 करोड़ के चार आरओबीए 7 रिवर ब्रिज
    इस बार सिंहस्थ में 177 करोड़ की लागत के चार रेलवे ओवर ब्रिज तथा क्षिप्रा नदी पर आठ ब्रिज बनाये जा रहे हैं । इससे आवागमन एवं क्षिप्रा नदी पर श्रद्धालुओं को इस पार से उस पार जाने में अधिक सुविधा होगी । उज्जैन शहर को स्थायी रूप से 12 संरचनाएँ मिलने जा रही हैं जो इससे पहले कभी नहीं बनी । उल्लेखनीय है कि गत सिंहस्थ में क्षिप्रा नदी पर दो ब्रिज बने थे और एक मक्सी मार्ग पर आरओबी बना था । इस तरह इन संरचनाओं पर मात्र 9 करोड़ 73 लाख रुपये का व्यय हुआ था ।

पंचक्रोशी मार्ग का 63 करोड़ रुपये की लागत से उन्नयन होगा
    सिंहस्थ.2016 के अंतर्गत पंचक्रोशी मार्ग का उन्नयन भी किया जा रहा है । पंचक्रोशी मार्ग के लिए 63 करोड़ 60 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं। इससे 62 किमी लम्बे मार्ग के लिए 38 करोड़ 24 लाख रुपये एवं 28.95 किमी मार्ग के लिए 35 करोड़ 36 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है तथा इनका निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है ।
उज्जैन पश्चिम बायपास
    सिंहस्थ.2016 के निर्माण कार्या में प्रमुख उज्जैन पश्चिम बायपास । 14ण्29 किमी लम्बे इस टू. लेन रिंग रोड़ विथ पेव्ड शोल्डर का निर्माण 94ण्3 करोड़ रुपये की लागत से बीओटी के आधार पर मण्प्रण् सड़क विकास निगम द्वारा किया जा रहा है । इस मार्ग की पूर्णता तिथि 31 दिसम्बर 2015 है । वर्तमान में सड़क का निर्माण आधुनिक मशीनों से तेजी से किया जा रहा है ।

हरि फाटक ओवर ब्रिज की चौथी भुजा
    उज्जैन  में महाकाल वन प्रोजेक्ट के अंतर्गत तैयार की गई हरिफाटक ओवर ब्रिज की चौथी भुजा का लोकार्पण गत दिनों किया गया । 10ण्81 करोड़ की लागत से निर्मित 430 मीटर लम्बी ब्रिज की इस भुजा से महाकाल वन प्रोजेक्ट के तहत बनाये जा रहे इंटरप्रीटेशन सेंटर को जोड़ा गया है ।

सिंहस्थ के लिए नगर निगम 50 हाईमास्ट लगाएगा
    सिंहस्थ आयोजन के पूर्व नगर निगम चिन्हीत स्थानों पर यातायात की सुविधा की दृड्ढष्टीसे 50 हाई मास्ट लगाएगा । इसी के साथ सेतु निगम द्वारा 11 पुलों की मरम्मत का कार्य हाथ में लिया जाएगा । नए बनने वाले सबमर्सिबल सभी पुलों पर रैलिंग लगाई जाएगी एवं सभी शासकीय भवनों की रंगाई.पूताई के टेण्डर जून माह पूर्व लगाये जायेंगे ।
450 बिस्तर का महिला एवं शिशु अस्पताल
    उज्जैन के पुराने टीबी अस्पताल परिसर में 74ण्43 करोड़ रुपये की लागत से बनाये जा रहे सात मंजिला अस्पताल का निर्माण सिंहस्थ मद से किया जा रहा है । इस अस्पताल में आंतरिक रोगी हेतु 450 बिस्तरए 1800 बाण् रोगी क्षमताए आपरेशन थियेटरए चार मेजर व एक माइनरए छह बिस्तरीय रिकवरी रूमए 10 बिस्तरीय आईसीयूए 10 बिस्तरीय हाईरिस्क वार्डए 50 बिस्तरीय सामान्य प्रसव वार्ड का निर्माण किया जा रहा है । जबकि गत सिंहस्थ में एकमात्र माधव नगर अस्पताल का निर्माण हुआए जिसकी लागत चार करोड़ 29 लाख रुपये थी ।

लाल पुल से भूखी माता भूखी माता से दत्त अखाड़ा तक के घाट एक दृष्टी में दिखाई देंगे
    सिंहस्थ.2016 के लिए क्षिप्रा नदी का किनारा श्रद्धालुओं के स्नान हेतु सज.संवर रहा है । क्षिप्रा के बांये किनारों पर जहाँ एक ओर लाल पुल से लेकर भूखी माता और भूखी माता से लेकर दत्त अखाड़ा तक विशाल घाटों का निर्माण कार्य हो रहा हैए वहीं दांये तट पर भी लाल पुल से लेकर नृसिंह घाट तक की खाली पड़ी जगहों पर भी घाटों का निर्माण किया जा रहा है । अब लाल पुल पर खड़े होकर भूखी माता तक और भूखी माता से दत्त अखाड़ा तक के घाटोंका विहंगम दृश्य क्षिप्रा तट की सुन्दरता में चार चांद लगा रहा है । अतिश्योक्ति नहीं है कि सिंहस्थ.2016 में हरिद्वार की हर की पोढ़ी से सुंदर हमारे क्षिप्रा तट के घाट होंगे । इस बार पाँच किमी लम्बाई में नये घाट बनाये जा रहे हैं । जल संसाधन विभाग इन पर 164 करोड़ रुपये व्यय करने जा रहा है । सिंहस्थ.2016 में श्रद्धालुओं के स्नान हेतु क्षिप्रा तट के दोनों किनारों पर 8ण्34 किमी लम्बाई में घाट उपलब्ध रहेंगे । इस बार 3ण्56 किमी नये घाटों का निर्माण किया गया हैए जबकि पूर्व से उपलब्घ 4ण्78 किमी लम्बे घाटों की विशेष रूप से मरम्मत करते हुए उनका रख.रखाव किया गया है । इनमें से सात घाट पूर्ण हो चुके हैंए दो घाट नवीन प्रस्तावित हैं और 28 घाट पूर्व से निर्मित हैं। इस तरह कुल 37 घाट सिंहस्थ के लिए तैयार किये जायेंगे । कुल 37 घाट निर्मित हो रहे हैंव पाँच स्टॉप डेमों की मरम्मत की जा रही हैए जबकि विगत सिंहस्थ में जल संसाधन विभाग द्वारा कुल सात करोड़ रुपये खर्च कर 1500 मीटर लम्बे घाट बनवाये गये थे । इस बार सिंहस्थ में श्रद्धालुओं के स्नान के लिए आठ किमी मीटर से अधिक लम्बाई के घाट उपलब्ध होंगे ।

शिप्रा नदी में नहीं मिलेगा खान नदी का पानी
19 किमी लम्बाई में पाईप लाईन के जरिये हो रहा है डायवर्शन

    सिंहस्थ.2016 के दौरान क्षिप्रा नदी में शुद्ध जल से स्नान हो सकेए इसके लिए राज्य शासन द्वारा खान नदी डायवर्शन योजना पर काम किया जा रहा है । 19 किमी लम्बाई मेंग्राम पिपल्याराघो से निकालकर खान नदी को पाईप लाईन के जरिये कालियादेह महल के आगे क्षिप्रा नदी से जोड़ा जायेगा । इस तरह त्रिवेणी के आगे से भूखी माताए रामघाट और मंगलनाथ क्षेत्र के सभी घाटों पर क्षिप्रा नदी का शुद्ध जल प्रवाहित होगा । सम्पूर्ण योजना के लिए राज्य शासन द्वारा 90 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है । निर्माण कार्य पूर्ण गति के साथ चलाया जा रहा है और अनुमान है फरवरी.2016 तक यह कार्य पूर्ण हो जायेगा । गौरतलब है कि संभागायुक्त डॉण् रवीन्द्र पस्तोर ने इस योजना का अवलोकन उन्हेल रोड़ पर किया था एवं निर्देश दिये थे कि बारिस के बीच के सूखे दिनों में भी कार्य तेजी से चलाया जाये ।
    जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री मुकुल जैन ने यह जानकारी देते हुए बताया कि योजना अंतर्गत अब तक 1ण्8 किमी लम्बाई में पाईप लाईन बिछाने का कार्य पूर्ण हो चुका है । साथ ही इस पर 14 करोड़ रुपये का व्यय करते हुए भुगतान कॉन्ट्रेक्टर मेसर्स केण्केण् स्पन पाईन को किया गया है । योजना के रास्ते में आने वाले रेलवे एवं सड़क मार्गा के नीचे पुशिंग पद्धति से पाईप लाईन नीचे सरकाकर बिना सड़क को नुकसान किये कार्य जा रहा है ।

2.6 मीटर व्यास की आरसीसी पाईप
    खान डायवर्शन में सीमेंट.कांक्रीट के 2ण्6 मीटर व्यास के पाईप डाले जा रहे हैं । पाईप का आकार इतना बड़ा है कि छोटी कार इसमें से होकर गुजर सकती है । पाईप लाईन डालने के लिए मिट्टी की खुदाई का कार्य भी तेजी से जारी है । सम्पूर्ण योजना के लिए 15 लाख घनमीटर मिट्टी की खुदाई करना है । इसमें 10 लाख घनमीटर मिट्टी की खुदाई की जा चुकी है । पिपल्याराघो से लेकर कालियादेह महल तक अलग.अलग गहराई में पाईप लाईन के लिए खुदाई की जा रही है ।
    खान डायवर्शन योजना के अंतर्गत निर्माण में आने वाली 47 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण 1 करोड़ 36 लाख रुपये की राशि देकर किया गया है । राशि का वितरण जारी है । योजना से उज्जैन तहसील का ग्राम पिपल्याराघोए गंगेड़ीए गोठड़ाए सिकन्दरीए जीवनखेड़ी दाऊदखेड़ीए सांवराखेड़ीए घट्टिया तहसील के ग्राम गोन्साए मोजमखेड़ीए कोलूखेड़ीए भदेड़चक के कृषक प्रभावित हो रहे हैं। इन कृषकों को निजी भूमि से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सिंचाई वेल का निर्माण किया जाना भी प्रस्तावित है ।
सिंहस्थ के लिए 6 मिलीयन गैलन ;एमजीडीद्ध का जलशोधन प्लांट हो रहा है तैयार
    सिंहस्थ.2016 के लिए गऊघाट पर छह मिलीयन गैलन ;एमजीडीद्ध जलशोधन का प्लांट पांच करोड़ 65 लाख रूपये की लागत से तैयार हो रहा है । यह जलशोधन प्लांट नर्मदा.क्षिप्रा लिंक से प्राह्य होने वाली पानी को शोधन कर शिप्रा के जल को पीने योग्य बनाएगा । वर्तमान में इस तरह के चार प्लांट पूर्व से ही कार्यरत है । सिंहस्थ में इस प्लांट से 27 मिलीयन लीटर प्रतिदिन अतिरिक्त जल प्राह्य हो सकेगा । सिंहस्थ के लिए विकसित की जा रही इस सुविधा का लाभ आने वाले समय में उज्जैन की जनता को निरन्तर मिलता रहेगा ।

42.75 वर्गमीटर आकार की 332 कॉटेज बनेगी
    सिंहस्थ.2016 में मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम 332 स्वीस कॉटेज का निर्माण करेगा । इन्हीं कॉटेज में से कुछ में वीआईपी के रूकने की व्यवस्था भी की जायेगी । इस कॉटेज का आकार 42.75 वर्गमीटर तय किया गया है । अस्थायी टेंटों का यह नगर सांवराखेड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित किया गया है । यहाँ पर पार्किंग एरियाए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट सहित अन्य उ१स्तरीय व्यवस्थाएँ की जायेगी । इन कॉटेजेस का प्रबंधन पर्यटन विकास निगम द्वारा होटल की तरह किया जायेगा । कॉटेज के इस नगर को पाँच सेक्टर में बांटा गया है । पर्यटन विकास निगम को सिंहस्थ में 16 करोड़ 12 लाख रुपये आवंटित किये गये हैंए जबकि गत सिंहस्थ में 46 लाख रुपये पर्यटन विकास निगम को आवंटित किये थे ।

श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति नन्दी हॉल का विस्तार
    महाकालेश्वर मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं व दर्शनार्थियों की सुविधा के मद्देनजर नन्दी हॉल का विस्तार किया गया है । इस विस्तार से अधिक श्रद्धालु भस्मारती दर्शन का लाभ ले सकेंगे । नन्दी हॉल की क्षमता दो करोड़ 65 लाख रुपये व्यय कर 700 से दो हजार कर दी गई है ।

धर्मशाला विस्तार व अन्य कार्य
    श्री महाकालेश्वर धर्मशाला में विस्तार किया गया है । यहाँ पर 68 लाख 90 हजार रुपये की लागत से 12 एसी और 12 नॉनएसी कमरे बनाये गये हैं तथा भूमिगत पार्किंग की व्यवस्था की गई है । इसी तरह हरसिद्धि मंदिर स्थित अतिथि गृह में आठ कमरे 55 लाख रुपये की लागत से बनाये गये हैं । इसी तरह महाकाल प्रवचन हॉल में इको ट्रीटमेंट एवं एयर कूलिंग सिस्टम लगाया गया है । श्री महाकालेश्वर मंदिर के बाहरी एवं आंतरिक परिसर में दर्शनार्थियों को सुविधा हेतु एलईडी लाईट भी लगाये गये हैं ।

सिंहस्थ के लिए प्रमुख मंदिरों का सौन्दर्यकरण
    सिंहस्थ.2016 में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु उज्जैन में प्रमुख मंदिरों का जीर्णोद्धार व कायाकल्प देवस्थान मद से किया जा रहा है । प्रमुख रूप से मंगलनाथ मंदिर परिसरए सान्दीपनि आश्रम में गोमती कुंड का जीर्णोद्धार व परिसर का सौन्दर्यकरणए चिंतामण गणेश मंदिर परिसर का सौन्दर्यकरणए भर्तृहरि गुफा व काल भैरव मंदिर परिसर को आकर्षक व सुन्दर बनाकर वहाँ विजिटर्स फेसिलिटी विकसित की जा रही है ।

चप्पे.चप्पे पर रहेगी तीसरी आँख की नजर
सिंहस्थ क्षेत्र में 125 पाईंट पर लगेंगे 481 सीसीटीवी कैमरे
    सिंहस्थ.2016 मेंसिंहस्थ क्षेत्र में 125 पाइंट पर कुल 481 सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे । यह कैमरे रातदिन सिंहस्थ क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखेंगे । घाटों पर नहान के दौरान 11 स्थानों पर विशेष निगरानी हेतु कैमरे लगाये जा रहे हैं। सीसीटीवी कैमरे जहाँ एक ओर सड़कों से आ रहे ट्रैफिक पर नजर रखेंगे वहीं सेटेलाईट टाऊनों में कितने वाहन व भीड़ इकट्ठी हो रही हैए इसकी पल.पल की जानकारी कंट्रोल रूप को देंगे । मेला क्षेत्र के 11 प्रवेश द्वारों से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं की गणना भी की जा सकेगी । पुलिस विभाग को इस बार 20 कार्या के लिए 305 करोड़ 56 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई हैए जबकि विगत सिंहस्थ में 15 करोड़ 35 लाख रुपये पुलिस विभाग को आवंटित हुए थे ।

सिंहस्थ क्षेत्र में खुले तारों के स्थान पर एलटी लाईन पर केबल लगेगी
    विद्युत वितरण कंपनी सिंहस्थ क्षेत्र में लगने वाले अखाड़ों एवं आश्रमों को विद्युत कनेक्शन देने के साथ ऐसे उपकरण लगायेगीए जिससे क्षमता से अधिक विद्युत डॉ करने पर आटोमैटिक बिजली कनेक्शन ट्रिप हो जाए । इससे ओव्हर लोडिंगए शार्ट सर्किट आदि की समस्या से सुरक्षा मिलेगी । सिंहस्थ मेला क्षेत्र मेंअस्थायी रूप से 2 हजार विद्युत पोल लगाये जायेंगे एवं मेला क्षेत्र में खुली केबल के स्थान पर एलटी केबल का उपयोग किया जायेगा । लगभग 400 छोटे ट्रांसफार्मर से विद्युत वितरण किया जायेगा । इस हेतु विद्युत वितरण कंपनी को 101 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैंए जबकि गत सिंहस्थ में 15 करोड़ 53 लाख रुपये विद्युत व्यवस्था के लिए दिये गये थे ।

सिंहस्थ में 45 हजार डगपिट शौचालय और एक हजार जीरो डिस्चार्ज बायो टॉयलेट्स बनेंगे
स्वच्छता के लिए 74 करोड़ की कार्य योजना
    सिंहस्थ.2016 मेला क्षेत्र में 45 हजार डगपिट शौचालयए एक हजार जीरो डिस्चार्ज बायो टॉयलेट्स बनाये जायेंगे । शहरी क्षेत्र से प्रतिदिन 300 मेट्रिक टन कचरा तथा मेला क्षेत्र में प्रतिदिन एक हजार से बारह सौ मेट्रिक टन कचरा तथा स्नान के दिनों के लिए दो से ढाई मेट्रिक टन कचरा उठाने के लिए व्यापक बंदोबस्त किये जा रहे हैं । इस तरह स्वच्छता के लिए कुल 74 करोड़ रुपये की कार्य योजना तैयार की गई है । कचरा ढोने वाले बड़े वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाया जायेंगे ।
    सिंहस्थ मेला अधिकारी अविनाश लवानिया ने यह जानकारी देते हुए बताया कि शहरी क्षेत्र एवं मेला क्षेत्र के लिए जलालखेड़ी में दो एकड़ तथा एमआर.5 पर दो एकड़ क्षेत्र में ट्रांसफर स्टेशन बनाये जायेंगे । उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र की साफ.सफाई के लिए व्यापक कार्य योजना बनाई गई है । इसके अंतर्गत प्राथमिक कचरा संग्रहण हेतु 9 करोड़ 46 लाख रुपयेए कचरे के द्वितीय संग्रहण एवं परिवहन के लिए 24 करोड़ 89 लाख रुपयेए ट्रांसफर स्टेशन वाहन के लिए 9 करोड़ 84 लाख रुपयेए जीपीएस सिस्टम के लिए 50 लाख रुपयेए कचरा एकत्रीकरण एवं परिवहन के लिए 12 करोड़ रुपयेए मेला एवं सेटेलाईट टाऊन की सफाई हेतु 10 करोड़ रुपये की कार्य योजना तैयार की गई है ।

मच्छरों को भगाने के लिए 20 फॉगिंग मशीन. 220 हैण्ड स्प्रे खरीदे जायेंगे
    शहरी एवं मेला क्षेत्र में सिंहस्थ मेला अवधि के दौरान मच्छरों को भगाने की व्यवस्था के लिए शहरी क्षेत्र के लिए 10 फॉगिंग मशीन एवं मेला क्षेत्र तथा सेटेलाईट टाऊन के लिए 10 फॉगिंग मशीन खरीदी जायेगी । इसी तरह 220 हैण्ड स्प्रे मशीन शहरी क्षेत्र मेंए 230 स्प्रे मशीन सेटेलाईट टाउन एवं मेला क्षेत्र के लिए तथा 30 मास्किटो मशीन के खरीदने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किये गये हैं ।

नगर निगम के संसाधन बढ़ेंगे
    नगर एवं मेला क्षेत्र की सफाई के लिए नगर निगम को अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराये जायेंगे । सिंहस्थ मद से मेला क्षेत्र के लिए 85 बड़े कचरा कंटेनर, 502 छोटे कचरा कंटेनर, 1185 डस्टबीन, 400 हाथ ठेले, 700 हेण्डकार्ट, 60 मैजिक, 20 डम्पर प्लेजर, 20 बड़े डम्बर, 12 जेसीबी, 30 डम्बर स्लेसर, 7 कॉम्पेक्टर, 17 मूवेबल कॉम्पेक्टर एवं 8 मूवेबल कॉम्पेक्टर कंटेनर व्हीकल खरीदे जायेंगे । इसी तरह नगरीय क्षेत्र की साफदृसफाई के लिए 270 बड़े कचरा कंटेनर, 270 छोटे कंटेनर, 540 डस्टबीन, 486 ठेला, 432 हेण्डकार्ट, 40 मैजिक, 20 डम्बर प्लेजर, 10 टीपर, 5 सीवर क्लिनिंग मशीन, 5 जेसीबी, 5 ट्रेक्टर टॉली हाइड्रोलिक क्रय करने का प्रावधान किया गया है ।

192 मेडिकल आफिसर और 186 फार्मासिस्ट तैनात होंगे सिंहस्थ में
तीन हजार से अधिक स्वास्थ्यकर्म डयूटी करेंगे
    सिंहस्थ.2016 के लिए झोन एवं सेक्टरवार स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्य योजना तैयार की गई है । प्रत्येक झोन में 32.32 मेडिकल और 31.31 फार्मासिस्ट तैनात किये जायेंगे । इसी  के साथ प्रत्येक झोन प्रभारी एक.एक सीएमएचओ होगा । यही नहीं 186 स्टॉफ नर्स, 198 एएनएमए 60 पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता और 144 ड्रेसर भी लगाये जायेंगे । सिंहस्थ में इस तरह कुल 3051 स्वास्थ्यकर्म अपनी सेवाएँ देंगे ।
    सिंहस्थ की तैयारियों के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक कार्य योजना तैयार की गई है । क्षिप्रा नदी के किनारे स्थित समस्त प्रमुख घाटोंपर प्राथमिक उपचार की सुविधा से सुसज्जित 10 मेडिकल टीम तैनात रहेगी । आपात स्थिति में यह टीम संबंधितों को  तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान कर नजदीकी अस्थायी चिकित्सालय के लिए रैफर करेंगे । इसके अतिरिक्त सभी छह सेटेलाईट टाऊन पर छह बेड की अस्थायी डिस्पेंसरी मय रोगी वाहनए मानव संसाधन उपकरण आदि से सुसज्जित स्थापित की जायेगी । मेला क्षेत्र के आसपास एवं शहर के कुल आठ शासकीय एवं निजी चिकित्सालयोंको बेस हॉस्पिटल के रूप में स्थापित किया जाकर अतिरिक्त पलंगों की व्यवस्था की जायेगी । साथ ही शहर में संचालित नौ स्थायी डिस्पेंसरियों में भी समुचित चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाना सुनिश्चित किया गया है । प्रत्येक दो झोन पर एक एपिडिमियोलॉजिस्ट की तैनाती भी होगी ।
    इसी तरह प्रत्येक झोन में एक 20 बेडेड अस्थायी हॉस्पिटल, पाँच डिस्पेंसरी छह बेडेड, एक मोबाईल डिस्पेंसरी, 10 प्राथमिक उपचार दल, दो खाद्य सुरक्षा अधिकारी व एक जिला मलेरिया अधिकारी की तैनाती होगी । अस्थायी चिकित्सालय, डिस्पेंसरियाँ चौबीस घंटे चालू रहेगी तथा उनके लिए स्वीकृत अमले की उपस्थितिए आवश्यक औषधियाँ, उपकरण, औजार, रोगी वाहन आदि की तैनाती होगी ।

मलेरिया नियंत्रण के लिए पृथक से अमला
    मच्छरों से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा पृथक से अमला तैनात किया जायेगा, जिसमें प्रत्येक झोन में एक.एक जिला मलेरिया अधिकारी, प्रत्येक झोन में छह.छह मलेरिया निरीक्षक, दो.दो लेब टेक्नीशियन, 18.18 हेल्थ सुपरवाईजर, 80.80 मलेरिया वर्कर, दो.दो किट संग्रहकए 12.12 सुपीरियर फील्ड वर्कर व 60.60 फील्ड वर्कर इस तरह कुल 984 शासकीय सेवक इस काम के लिए लगाये जायेंगे ।

सिंहस्थ.2016 का मोबाईल एप तैयार होगा
उज्जैन के दर्शनीय स्थानोंए आयोजनों की जानकारी के साथ
इमरजेंसी के लिए पेनिक बटन भी रहेगा

    सिंहस्थ.2016 के आयोजन मेंआई.टी की महती भूमिका रहेगी । सम्पूर्ण सिंहस्थ क्षेत्र वाई.फाई होगा । सेटेलाईट टाऊन  से लेकर सिंहस्थ क्षेत्र तक कनेक्टिविटी उपलब्ध रहेगी । साथ ही एक मोबाईल एप भी तैयार किया जा रहा है, जिसमें सिंहस्थ के पर्व स्नानों की जानकारी, अखाड़ों की जानकारी, दर्शनयी स्थलों की जानकारी, उनके नक्शे आदि तो रहेंगे ही, महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक नया पेनिक बटन भी इसमें डाला जायेगा, जिससे आपात स्थिति में इस बटन को दबाने से उनकी लोकेशन व फोन नम्बर सीधे सुरक्षा में लगी एजेंसी को पहुँच जायेगा और त्वरित रूप से उनको सहायता पहुँचाई जा सकेगी । मोबाईल एप में सम्पूर्ण मेला क्षेत्र की प्रतिदिन कीए प्रति सप्ताह की व पूरे माह की गतिविधियाँ भी दर्शाई जायेंगी, जिससे श्रद्धालु अपने मनचाहे स्थान पर जाकर प्रवचनों व अन्य धार्मिक गतिविधियों में शामिल हो सकेंगे ।
    मेला कार्यालय में आई.टी एक्सपर्ट व जीआईएस कंसल्टेंट नियुक्त हो गये हैं । डिजिटल इंडिया फ्रेमवर्क पर मेला क्षेत्र के लिए आई.टी का काम किया जा रहा है । इससे प्लानिंग, डिसिजन लेने में अधिकारियों को सहयोग मिलेगा ।
    वर्तमान में सिंहस्थ की वेब साईट लांच कर दी गई है । इसमें सिंहस्थ से संबंधित सभी जानकारी है । अखाड़ों की जानकारीए उज्जैन के मंदिरों की जानकारीए उज्जैन में रूकने के लिए होटल, लॉज एवं धर्मशाला आदि के संबंध मेंभी जानकारी इस वेबसाईट पर उपलब्ध है । वेब साइट पर विभिन्न विभागों द्वारा सिंहस्थ के लिए किेय जा रहे कार्या की अद्यतन जानकारी भी आमजन के लिए उपलब्ध कराई गई है । इसमें स्वीकृत हो चुके कार्य, प्रगतिरत कार्य व प्रस्तावित कार्या की जानकारी उपलब्ध करवाई गई है ।

सिंहस्थ मेला क्षेत्र का 50 लेयर का जीआईएस मेप तैयार हो रहा है
    सिंहस्थ मेला क्षेत्र के लिए डिजिटल जीआईएस मेप तैयार किया जा रहा है । यह मेप 50 लेयर में तैयार हो रहा है । जीआईएस मेप बनने के बाद मेला कार्यालय में मेला क्षेत्र की मॉनीटरिंग अधिक सुगम हो जायेगी । साथ ही अधिकारियों एवं वहाँ काम करने वाले कर्मचारियों के लिए आसान रहेगा कि उनके विभाग की क्या.क्या गतिविधियाँ किस.किस स्थान पर चल रही है व किस तरह की सुविधाएँ उनके द्वारा उपलब्ध कराना है अथवा करा दी गई है ।
    उल्लेखनीय है कि जीआईएस मेप एक क्लिक पर यह स्पड्ढ हो जायेगा कि पार्किंग स्लॉट झोन में किस स्थान पर हैए फ्लेग स्टेश्ानोंपर क्या.क्या सुविधाएँ हैं । इसी तरह ट्रेफिक प्लान, होल्डअप, घाट होल्डअप, एप्रोच रोड़, पेशवाई मार्ग, बिजली सप्लाय, ड्रेनेज, हेल्प काउंटर्स, एटीएम, वॉटर सप्लाई आदि के बारे में भी जानकारी तुरंत झोनवार, सेक्टरवार स्क्रीनपर आ जायेगी । यही नहीं सर्विस प्रोवाइडरों एवं कॉन्ट्रेक्टरों, प्रभारी शासकीय अधिकारी/ कर्मचारी आदि के मोबाईल नम्बर भी नक्शे के साथ.साथ अटैच किये जायेंगे, जिससे जिस सेक्टर में भी किसी भी सेवा की कमी पाई जाती है तो तुरंत उसका निदान किया जा सकेगा ।

जीआईएस की सहायता से मेला क्षेत्र की प्लानिंग
    जियोग्राफिक इंफोर्मेशन सिस्टम ;जीआईएसद्ध तकनीक के माध्यम से स्मार्ट सिंहस्थ की व्यवस्था की जा रही है । इसमें यह प्लानिंग की गई है कि कहाँ से रोड़ निकलेंगेए कहाँ ड्रेनेज होगाए कहाँ से पीने के पानी की पाईप लाईन गुजरेगी व इलेक्टि­क लाईन कहाँ रहेगी । यह सब मल्टीलेयर में मेप पर उपलब्ध रहेगा । जीआईएस टेक्नालॉजी एक उम्दा टेक्नालॉजी हैए जिससे कार्या की ओवरलेपिंग बचेगी ।

सिंहस्थ का पोर्टल तैयार होगा
    सिंहस्थ.2016 की व्यवस्था के लिए सिंहस्थ का पोर्टल भी बनाया जा रहा है । यह पोर्टल डेस्कटॉपए लेपटॉप एवं मोबाईल पर भी चलेगा । इस पोर्टल के माध्यम से सिंहस्थ में तैनात किये जाने वाले लगभग एक लाख कर्मचारियों का मैनेजमेंट किया जायेगा । पोर्टल में किस सेक्टर में कौन व्यक्ति कार्यरत है व उसके दायित्व क्या है आदि जानकारी प्रबंध करने वाले अधिकारियों को एक क्लीक पर पर उपलब्ध होगी । पोर्टल के माध्यम से कार्यरत अधिकारियोंको दिशा.निर्देशए आदेश आदि प्रसारित किये जाते रहेंगे और रिपोर्टिंग की मॉनीटरिंग भी होती रहेगी ।

हेल्प सेंटर
    सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में आई.टी बेस्ड हेल्प सेंटर खोले जायेंगे । इस सेंटर से आमजन जहाँ उसकी जरूरत की सूचनाएँ प्राह्य कर सकेगावहीं दूसरी ओर पोर्टल से संबंधित कार्यवाही भी सर्विस प्रोवाइडर द्वारा की जा सकेगी । इस हेल्प सेंटर से पानीए बिजलीए दूध आदि की आपूर्ति के संबंध मेंशिकायतें भी दर्ज होगी और उनका निराकरण भी त्वरित किया जायेगा ।

सिंहस्थ क्षेत्र के लिए अस्थायी राशन कार्ड जारी होंगे
प्रत्येक सेक्टर में दो उचित मूल्य दूकान व दो किराना जनरल स्टोर
    खाद्यए नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा सिंहस्थ आयोजन के लिए खाद्य एवं अन्य रसद सामग्री समुचित मात्रा में उपइब कराये जाने की कार्य योजना तैयार कर ली गई है । विभाग सिंहस्थ मेला आरंभ होने के पूर्व साधुदृसंतों को आवंटित भूमिध्पड़ाव के सत्यापन के बाद अस्थायी राशन कार्ड बनाने एवं जारी करने की व्यवस्था करेगा । इसके बाद प्रत्येक झोन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के माध्यम से खाद्यान्नए एलपीजीए किरानाए दूधए फलए फूलए लकड़ीए कण्डे आदि की वितरण व्यवस्था पर सतत् निगरानी रखेगा ।
    इस कार्य के लिए संभागायुक्त के निर्देश अनुसार उपभोक्ता सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए आई.टी बेस्ट हेल्प सेंटरों की सहायता भी ली जायेगी ।
    मेला अवधि के लिए अस्थायी गैस कनेक्शन भी जारी किये जायेंगे और एजेंसी पर एलपीजी सिलेंडरों का प्रतिदिन आवश्यकता के मान से संग्रहण किया जायेगा । आइल कम्पनी के वरिð अधिकारियोंके समन्वय से सुरक्षा उपकरण एवं सभी अन्य व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जायेंगी । यही नहीं उचित मूल्य दूकानों पर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में निरन्तरता बनाये रखने के लिए वाहनों के मूवमेंट का विशेष ध्यान रखा जायेगा । दुकानों के बाहर एवं भीतर स्टॉक, भावसूची आदि प्रदर्शित करने के लिए बोर्ड रहेगा ।
    प्रत्येक सेक्टरवार दो उचित मूल्य दुकानें, एक गैस एजेंसी, दो दुग्ध स्टॉल, एक लकड़ी.कण्डा स्टॉल, दो सब्जी, फल स्टॉल और दो किराना एवं जनरल स्टोर स्थापित करने की कार्ययोजना तैयार की गई है ं इसी के साथ 60 दिन के मान से प्रतिव्यक्ति 500 ग्राम खाद्यान्न, 250 ग्राम शक्कर, एक लीटर केरोसीन का भण्डारण किया जायेगा । वर्तमान में शहर में पाँच हजार गैस सिलेण्डर की प्रतिदिन खपत होती है । सिंहस्थ के दौरान अतिरिक्त सात हजार सिलेण्डर प्रतिदिन खपत का आंकलन किया गया है । तदनुसार सिंहस्थ के दौरान प्रतिदिन 12 हजार सिलेण्डरोंकी आपूर्ति की योजना बनाई गई है । प्रत्येक सेक्टर में दो अस्थाई गैस एजेंसी खोली जायेगीए जिनके माध्यम से गैस सिलेण्डरों की सतत् आपूर्ति की जायेगी ।

सिंहस्थ के दौरान 12 अस्थाई पेट्रोल पंप खुलेंगे
    खाद्य विभाग द्वारा तैयार किये गये आंकलन के अनुसार वर्तमान में उज्जैन शहर में प्रतिदिन 56 हजार लीटर पेट्रोल एवं 76 हजार लीटर डीजल की खपत हो रही है । सिंहस्थ के दौरान अतिरिक्त 76 हजार लीटर पेट्रोल और 90 हजार लीटर डीजल की आवश्यकता का आंकलन किया गया है । इस तरह प्रतिदिन कुल एक लाख 32 हजार लीटर पेट्रोल और एक लाख 66 हजार लीटर डीजल की आवश्यक होगी । इसकी आपूर्ति के लिए इन्दौर रोड़ए बड़नगर रोड़ए मक्सी रोड़ए उन्हेल.नागदा रोड़ए आगर रोड़ और देवास रोड़ प्रत्येक पर दो.दो अस्थाई पेट्रोल पंप इस तरह कुल 12 पेट्रोल पम्प खोले जायेंगे ।

अतिरिक्त स्टॉफ की तैनाती होगी
    सिंहस्थ मेले की खाद्य एवं अन्य आपूर्ति व्यवस्था के लिए खाद्य विभाग द्वारा अतिरिक्त अमले की तैनाती की जायेगी । इसमें दो जिला आपूर्ति नियंत्रकए दो जिला आपूर्ति अधिकारी, 36 सहायक आपूर्ति अधिकारी, 94 कनि आपूर्ति अधिकारी, 36 स्टेनो टायपिस्ट, लेखापाल, तृतीय श्रेणी कर्मचारी एवं डाटा इंट्री आपरेटर को पदस्थ किया जायेगा ।

सिंहस्थ में एक लाख लीटर छाछ और 40 हजार किलो घी विक्रय होगा
    सिंहस्थ मेंआने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए दुग्ध संघ द्वारा दूध, घी, नमकीन मट्ठा, दही, सुगंधित दूध, श्रीखण्ड, लस्सी, पनीर, सादी छाछ, मावा, पेड़ा आदि दुग्ध उत्पादों का भण्डारण कर विक्रय किया जायेगा । उज्जैन दुग्ध संघ पहइी बार सिंहस्थ में पनीर, मावा, पेड़ा, मिल्क केक श्रद्धालुओं को उपलब्ध करवायेगा । इस कार्य के लिए आवश्यक अतिरिक्त मशीनरी संघ में स्थापित की जायेगी । सिंहस्थ के दौरान उज्जैन दुग्ध संघ का आंकलन है कि प्रतिदिन सामान्य दिनों में 60 हजार लीटर और शाही स्नान के दिनों में एक लाख लीटर दूध का विक्रय होगा ।
    सिंहस्थ में शामिल होने वाले लाखों श्रद्धालुओं को देखते हुए मिल्क सप्लाई की विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई है । सिंहस्थ.2016 में एक लाख लीटर नमकीन छाछए 12 हजार किलो श्रीखण्ड, 26 हजार लीटर लस्सी, पाँच हजार किलो दही, तीन हजार किलो पनीर, 20 हजार लीटर सादी छाछ, तीन हजार किलो मावा और दो हजार किलो पेडा विक्रय की योजना बनाई गई है । इसके लिए प्रत्येक झोन में एक वितरक नियुक्त किया जायेगा तथा प्रत्येक झोन में 106 अस्थायी सांची पार्लर स्थापित किये जायेंगे । उन्होंने बताया कि सिंहस्थ पर्व की मांग अनुसार दुग्ध एवं दुग्ध पदार्था, जिनमें सफेद मक्खन, सांची घी का उत्पादन एवं भण्डारण की व्यवस्था की जायेगी । साथ ही आवश्यकता अनुसार पैकिंग मटेरियल एवं उपभोग सामग्री का क्रय करते हुए पूर्व से अनुबंधित बल्क मिल्क विक्रेताओं को दूध विक्रय निरन्तर जारी रखा जायेगा । इस बस कार्य के लिए दुग्ध संकलन के स्तर को भी बनाया रखा जायेगा ।
    उज्जैन दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपाइन अधिकारी ने सिंहस्थ मेंदुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों की निरंतर आपूर्ति के लिए चार करोड़ रुपये की कार्य योजना मेला कार्यालय को प्रस्तुत की है । इसमें हाईस्पीड मैकेनिकल प्रीपैक मशीन, मट्ठा पैकिंग हेतु न्यूमैटिक प्रीपैक विथ इंकझेड कोटिंग, श्रीखण्ड पैकिंग मशीन, लस्सी पैकिंग मशीन, मिल्क स्टोरेज टैंक, लस्सी एवं श्रीखण्ड हेतु कोडिंग मशीन, मावा मशीन, हाइड्रोलिंक लिफ्ट मैनेजमेंट मटेरियल, लोडिंग वाहन, डीप फ्रीजर, कोल्ड रूम, कैपेसिटी को बढ़ाना, रेफ्रीजरेटेड वाहन की व्यवस्था करना आदि शामिल है । पंचक्रोशी यात्रा के लिए नौ हजार लीटर की क्षमता का एक इंस्युलेटेड टैंकर उपलब्ध कराने की योजना भी शामिल है । सिंहस्थ.2016 के लिए उज्जैन दुग्ध संघ द्वारा अतिरिक्त स्टॉफ की भी व्यवस्था की जायेगी ।



 

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