खास खबरें यूडीए की जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस, युवक ने काट ली हाथ की नस आधार है पूरी तरह सुरक्षित, इससे मिली आम नागरिक को पहचान : सुप्रीम कोर्ट यूएन में ट्रम्‍प ने की भारत की तारीफ 'लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला' बैडमिंटन स्‍टार साइन नेहवाल की बैडमिंटन खिलाड़ी पी कश्‍यप के साथ बनी जोड़ी, जल्‍द होने वाली है शादी पीएम मोदी पर अक्रामक हुए राहुल गांधी बोले, पीएम मोदी है 'कमांडर इन थीफ' श्रीदेवी की मौत के बाद इस तरह पिता और बहनों के करीब आये अर्जुन कपूर निफ्टी 11100 के पार, सेंसेक्स 200 अंक मजबूत संबल योजना में 2 करोड़ से अधिक श्रमिक लाभान्वित : राज्यमंत्री श्री पाटीदार टॉपर छात्रा से पहले भी कई लड़कियों को अपना शिकार बना चुके थे रेवाड़ी काण्‍ड के दरिंदे आज से शुरू होगा, पितृों का पूजन-तर्पण, पूर्णिमा का होगा पहला श्राद्ध

चामुण्डा माता का मंदिर

Post By : Dastak Admin on 30-Dec-2015 15:10:34

चामुण्डा माता का मंदिर

 श्री छत्रेश्वरी चामुण्डा माता का मंदिर शहर के मध्य चामुण्डा माता चौराहे पर स्थित है । यहाँ देवी छत्रेश्वरी तथा चामुण्डा दो रूप में विराजित है । इस मंदिर में माता पूर्व दिशा की ओर मुख करके विराजित है । इस मंदिर का जीर्णोद्धार १९७१ में हुआ था । शारदीय नवरात्रि की महाष्टमी पर दोपहर १२ बजे माता की शासकीय पूजा होती है । चैत्र नवरात्रि तथा अंग्रेजी नववर्ष की पहली तारीख पर मंदिर में माताजी को छप्पन भोग लगाया जाता है तथा फूलो व फलों से आकर्षक सज्जा की जाती है ।

छत्रेश्वरी चामुण्डा माता मंदिर में परिक्रमा पथ पर नवदुर्गा की मूर्तियां भी विराजित है । पृष्ठ भाग में हनुमानजी, महाभैरव तथा शिवजी का मंदिर भी है । भक्तो का कल्याण करने वाली माता चामुण्डा को मंगल करणी भी कहा गया है । इसलिए मंगलवार के दिन माताजी के दर्शन पूजन का विशेष महत्व है । मान्यता है कि लगातार १२ मंगलवार को माता के दर्शन करने से मनोकामना पूर्ण होती है ।

 

अपनी जानकारी दे

नाम
ई-मेल
मोबाइल
फोटो

आपके समाचार

शब्द प्रारूप और पाठ प्रारूप में समाचार फ़ाइल

Subscribe Newsletter




आपका वोट

किसानों ने बैंको से ऋण ले रखा था किंतु अब वे उसे चुका नही पा रहे हैं। क्या किसानों के बैंक ऋण सरकार को माफ करना चाहिए ?
हां
88%
ujjain poll
नहीं
10%
पता नहीं
1%
सर्वेक्षण

अपना राशिफल देखें

मेष वृषभ मिथुन कर्क सिंह कन्या तुला वृश्चिक धनु मकर कुंभ मीन
मेष

मित्रों व सहयोगियों से अपेक्षित सहयोग मिलेगा। संपत्ति संबंधी मसले हल होंगे। ज्ञान, विज्ञान के क्षेत्र में सफलता मिलेगी। कोर्ट कचहरी के निर्णय आपके पक्ष में हाे सकते हैं। सेहत में उतार चढ़ाव रहेगा।

महाकाल आरती समय

dastak news ujjain

  महाकाल आरती समय

आरती

चैत्र से आश्विन तक

कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से फाल्गुन पूर्णिमा तक

भस्मार्ती

प्रात: 4 बजे श्रावण मास में प्रात: 3 बजे

प्रातः 4 से 6 बजे तक।

दध्योदन

प्रात: 7 से 7:45 तक

प्रात: 7:30 से 8:15 तक

महाभोग

प्रात: 10 से 10:45 तक

प्रात: 10:30 से 11:15 तक

सांध्य

संध्या 5 से 5:45 तक

संध्या 5 से 5:45 बजे तक

सांध्य

संध्या 7 से 7:45 तक

संध्या 6:30 से 7:15 तक

शयन

रात्रि 10:30 बजे

रात्रि 10:30 से 11 बजे तक

आज का विचार

    जीवन ठहराव और गति के बीच का संतुलन है । - ओशो

उज्जैन सिनेमा

     

उज्जैन मानचित्र

पंचक्रोशी यात्रा मानचित्र

विविध