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न नामचीन कलाकार और न ही ख्यात अतिथि, इसलिए गिरता जा रहा है कालिदास समारोह का स्तर

Post By : Dastak Admin on 26-Oct-2017 11:50:04

कालिदास समारोह

उज्जैन @ मध्यप्रदेश सरकार के तत्वावधान में प्रतिवर्ष देवप्रबोधनी ग्यारस से अखिल भारतीय कालिदास समारोह का शुभारंभ होता है। इस बार भी कालिदास समारोह 30 अक्टूम्बर से 6 नवम्बर 2017 तक आयोजित होगा।

       पुराने समय में कालिदास समारोह मध्यप्रदेश की शान हुआ करता था। इस समारोह में देश के तत्कालीन राष्ट्रपति से लेकर हर बड़ा कलाकार सहभागिता करने के लिए बेताब रहता था। लेकिन संस्कृति और कला का स्तर जैसे-जैसे घटता गया। वैसे-वैसे कालिदास समारोह जैसे बड़े कार्यक्रम भी अब छोटे- नजर आने लगे है।

       जहां तक सवाल है सरकार का, तो सरकारी अमला ही इस विशिष्ट आयोजन को सफल बनाने में कारगर सिद्ध नहीं हो पा रही है। इसके लिए सरकार ने काफी धन भी खर्च किया है। बावजूद इसके कालिदास समारोह की प्रसिद्धि में कमी ही नजर आ रहे है।

 

इस बार फिर से बढ़ गया बजट : 2016 में मध्यप्रदेश सरकार ने कालिदास समारोह के लिए 50 लाख रूपए का बजट स्वीकृत किया था। लेकिन समारोह में कुल 78 लाख 20 हजार 894 रूपए का खर्च हुआ। करीब 28 लाख रूपए की यह राशि की प्रतिपूर्ति अकादमी ने बचत राशि से की। जबकि इस बार कालिदास समारोह 2017 के अनुमानित व्यय राशि 1 करोड़ 23 लाख 46 हजार हो गई है। इसमें 93 लाख का बजट और 30 लाख विशेष बजट स्वीकृत हुआ है। यानि इस पिछले एक वर्ष में कालिदास समारोह के बजट में 43 लाख रूपए की बढोत्तरी हुई है।

 

बढ़े कलाकार नहीं आने से घटेगी लोकप्रियता : कालिदास समारोह में इस बार एक भी ऐसा कलाकार नहीं शिरकत कर रहा है जो नामचीन हो। हर बार की तरह देरी से निर्णय लेने के कारण किसी भी बढ़े कलाकार ने कालिदास अकादमी के समारोह में भाग लेने से मना कर दिया। क्योंकि बड़े कलाकार पहले से ही बुक रहते है। इसलिए समारोह की लोकप्रियता कम होती नजर आ रही है।

 

भटकने के बाद बड़ी मुश्किल से मिले अतिथि : कालिदास समारोह में देश के प्रसिद्ध, ख्यात और मशहूर हस्तियां अतिथि के रूप में गौरव बढ़ाती रही है। चाहे देश के राष्टपति हो, कोई बड़ा राजनेता या फिर फिल्मी जगत और बड़ा कलाकार सभी कालिदास समारोह में शिरकत करते रहे है। लेकिन पिछले कुछ सालों से अतिथियों को बुलाने में कालिदास समारोह समिति काफी देर करती रही है। इसी कारण अंतिम समय में कोई भी बड़ा अतिथि समारोह में आने की हां नहीं करता। इस बार भी ऐसा ही हुआ। पहले राष्ट्रपति फिर गृहमंत्री, विदेश मंत्री को निमंत्रण भेजा गया। लेकिन सभी ने आने से मना कर दिया। जैसे-तैसे भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने इस समारोह के लिए स्वीकृति दी है। जबकि औपचारिक तौर पर प्रभारी राज्यपाल ओपी कोहली समारोह में भाग लेंगे।

 

अभी तक नहीं छपे कार्ड, पांच दिन में कैसे होगा प्रचार : कालिदास समारोह का प्रचार-प्रसार करने के लिए विभाग ने 5 लाख रूपए का बजट स्वीकृत किया है। लेकिन अभी तक अतिथियों के नाम और कार्यक्रम की रूपरेखा तय नहीं हो पाई है। इसी कारण समारोह के कार्ड भी नहीं छपे है। ऐसे में एन वक्त पर समारोह का प्रचार-प्रसार करने से समारोह को लोकप्रियता पर प्रश्नचिन्ह्र खड़ा होता नजर आ रहा है। यही वजह है कि कालिदास समारोह में हर बार की तरह इस बार भी ज्यादा दर्शकों की संख्या नहीं दिखाई देंगी।

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